Haryana Board Exam Paper Leak: हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं के बीच उस समय हड़कंप मच गया, जब क्लास 10 का मैथ्स क्वेश्चन पेपर लीक होने की खबर सामने आई. यह घटना बुधवार को उस समय उजागर हुई, जब पूरे राज्य में सेकेंडरी (10वीं) की गणित परीक्षा चल रही थी. अधिकारियों ने तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बोर्ड की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पेपर पर मौजूद सिक्योरिटी फीचर्स जैसे अल्फान्यूमेरिक कोड और QR मार्किंग की मदद से लीक के स्रोत का पता लगाया गया. जांच में यह सामने आया कि पेपर हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रानीला-02 से लीक हुआ.
चेयरमैन के WhatsApp पर पहुंचा पेपर, तुरंत शुरू हुई जांच
बताया गया कि मैथ्स का प्रश्नपत्र दोपहर करीब 1:56 बजे बोर्ड चेयरमैन के आधिकारिक WhatsApp नंबर पर प्राप्त हुआ. इसके बाद बोर्ड ने बिना देर किए डिटेल्ड जांच शुरू कर दी. चरखी दादरी के डिप्टी कमिश्नर ने पुष्टि की है कि कथित रूप से शामिल कैंडिडेट्स और इनविजिलेटर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
एजुकेशन डिपार्टमेंट को भी इस मामले की पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वाले सभी स्टाफ सदस्यों को सस्पेंड किया जाएगा. बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गड़बड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
राज्यभर में 10 अनियमितताएं, 1,372 केंद्रों पर हुई परीक्षा
HBSE के अनुसार पूरे राज्य में मैथ्स परीक्षा के दौरान कुल 10 अनियमितताएं सामने आईं. करनाल, पलवल और नूंह में एक-एक मामला दर्ज हुआ, जबकि रोहतक और सोनीपत में दो-दो और चरखी दादरी में तीन मामले सामने आए. यह परीक्षा 1,372 केंद्रों पर आयोजित की गई, जिसमें 2,89,003 छात्रों ने हिस्सा लिया. इसी दिन DElEd प्रथम वर्ष के री-अपीयर पेपर में 980 स्टूडेंट-टीचर्स शामिल हुए.
फ्लाइंग स्क्वॉड की सख्ती, दो इनविजिलेटर हटाए गए
बोर्ड द्वारा तैनात फ्लाइंग स्क्वॉड ने सोनीपत, रोहतक और गुरुग्राम के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया. रिपोर्ट के अनुसार, अन्य केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई. अलग कार्रवाई में दो इनविजिलेटर्स एक नारनौल में अपने ही स्कूल में तैनाती के कारण और दूसरा सोनीपत में परीक्षा के दौरान लापरवाही के आरोप में ड्यूटी से हटा दिया गया.
बोर्ड ने अपनी ज़ीरो-टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि तकनीकी सिस्टम मजबूत हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. 27 फरवरी को सीनियर सेकेंडरी पॉलिटिकल साइंस और DElEd री-अपीयर समेत आगामी परीक्षाएं 1,158 से अधिक केंद्रों पर कड़ी निगरानी में आयोजित होंगी.