Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में 19 से 23 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसे देखते हुए स्कूलों को भी बंद किया जा सकता है.
हिमाचल में 5 दिन भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही है.
Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 से 23 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है. इसे देखते हुए जिलों में स्कूलों को बंद करने को लेकर समीक्षा बैठक भी की गई है.
विशेष रूप से कांगड़ा, चंबा और आसपास के इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई है, जिससे भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और जलभराव जैसी स्थितियों का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार शाम से शनिवार तक चंबा के जोट क्षेत्र में 109 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. वहीं कांगड़ा में 77.4 मिमी और पालमपुर में 38 मिमी वर्षा दर्ज की गई. कई स्थानों पर तेज आंधी, बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश भी हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं और कई संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने जानकारी दी है कि 19 से 22 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इसी वजह से इन दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 23 जुलाई को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के चलते अगले कुछ दिनों तक मौसम चुनौतीपूर्ण बना रह सकता है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन, मडस्लाइड और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाएं हो सकती हैं. इसके अलावा नदियों, नालों और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी अलर्ट और ट्रैफिक एडवाइजरी पर लगातार नजर रखें. अनावश्यक यात्रा से बचें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों तथा जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें. आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है.
राज्य के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश वर्ष 2023 से लगातार मानसून संबंधी आपदाओं का सामना कर रहा है. इस बार भी संभावित खतरे को देखते हुए राज्य और जिला स्तर पर समीक्षा बैठकें आयोजित की गई हैं. उन्होंने कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जिलों की मौसम स्थिति और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार स्कूल बंद करने का अधिकार दिया गया है. यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश या भूस्खलन का खतरा अधिक होता है तो स्थानीय प्रशासन छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित कर सकता है.
मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले पांच दिन हिमाचल प्रदेश के लिए संवेदनशील हो सकते हैं. ऐसे में स्थानीय लोगों, पर्यटकों और यात्रियों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है. समय रहते बरती गई सावधानी किसी भी बड़े नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
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