IIT Course: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाई करना लाखों छात्रों का सपना होता है. आमतौर पर यहां तक पहुंचने का रास्ता JEE Main और JEE Advanced जैसी कठिन परीक्षाओं से होकर गुजरता है. लेकिन अगर आप इन परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाए हैं, तो निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. बहुत कम लोग जानते हैं कि आईआईटी कुछ ऐसे विशेष कोर्स भी ऑफर करता है, जिनमें दाखिले के लिए जेईई मेंस या एडवांस्ड की अनिवार्यता नहीं होती. यानी आपका आईआईटी में पढ़ने का सपना अभी भी जिंदा है. बस सही जानकारी और सही दिशा की जरूरत है. आइए जानते हैं उन कोर्सेज के बारे में, जो आपके लिए आईआईटी के दरवाज़े खोल सकते हैं.
मद्रास का टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब IIT Madras प्रवर्तक ने बिज़नेस प्रोफेशनल्स के लिए एक नया एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम शुरू किया है. यह प्रोग्राम “Generative AI and Agentic AI Tools for Business” पर केंद्रित है और इसे ग्लोबल एजुकेशन प्लेटफॉर्म Emeritus के साथ मिलकर पेश किया गया है. चार महीने का यह ऑनलाइन कोर्स खास तौर पर उन पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है जो AI की ताकत को सीधे बिना किसी टेक्निकल या कोडिंग बैकग्राउंड के अपने बिज़नेस वर्कफ़्लो में लागू करना चाहते हैं.
बिज़नेस में AI की असली ताकत समझने का मौका
संस्थान द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह प्रोग्राम जेनरेटिव AI और एजेंटिक AI के प्रैक्टिकल उपयोग पर फोकस करता है. इसका मकसद प्रतिभागियों को ऐसी एप्लिकेशन-ओरिएंटेड स्किल्स देना है, जिन्हें वे तुरंत अपने कार्यस्थल पर लागू कर सकें. यह कोर्स बिज़नेस एग्जीक्यूटिव्स, मैनेजर्स, कंसल्टेंट्स, एंटरप्रेन्योर्स और फंक्शनल लीडर्स के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया है. स्ट्रेटेजी, ऑपरेशंस, मार्केटिंग, फाइनेंस, HR, कंसल्टिंग और प्रोडक्ट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले प्रोफेशनल्स इसके जरिए AI को रियल-वर्ल्ड बिज़नेस सिचुएशन में इंटीग्रेट करना सीखेंगे.
20+ हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट्स और 25+ बिज़नेस यूज़ केस
इस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम की खास बात इसका प्रैक्टिकल अप्रोच है. कोर्स में 20 से अधिक हैंड्स-ऑन प्रोजेक्ट्स और 25 से ज्यादा बिज़नेस-केंद्रित यूज़ केस शामिल किए गए हैं. इससे प्रतिभागी केवल थ्योरी नहीं, बल्कि लगातार अभ्यास के माध्यम से अपनी समझ को मजबूत कर सकेंगे. नो-कोड और लो-कोड टूल्स के जरिए AI एप्लीकेशन तैयार करना इस कोर्स का प्रमुख हिस्सा है, जिससे गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि वाले प्रोफेशनल्स भी आसानी से सीख सकें.
फैकल्टी की राय: AI-ड्रिवन इकॉनमी के लिए तैयार रहें
लॉन्च के दौरान गेस्ट फैकल्टी लक्ष्मीनारायण ने कहा कि जेनरेटिव और एजेंटिक AI बिज़नेस के काम करने और प्रतिस्पर्धा करने के तरीके को तेजी से बदल रहे हैं. यह प्रोग्राम प्रोफेशनल्स को AI-ड्रिवन इकॉनमी में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने के लिए तैयार करता है.
एडमिशन एलिजिबिलिटी: JEE की नहीं है जरूरत
इस ऑनलाइन कोर्स की शुरुआत 30 मार्च 2026 से होगी. आवेदन के लिए उम्मीदवार का ग्रेजुएट या डिप्लोमा होल्डर होना आवश्यक है, साथ ही कम से कम 5 साल का प्रोफेशनल वर्क एक्सपीरियंस होना चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण बात है कि इस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में प्रवेश के लिए JEE क्वालिफाई करना अनिवार्य नहीं है. साथ ही, किसी भी तरह की पूर्व टेक्निकल या प्रोग्रामिंग विशेषज्ञता की जरूरत नहीं है. AI को अपने करियर और बिज़नेस ग्रोथ का हिस्सा बनाने के इच्छुक प्रोफेशनल्स के लिए यह प्रोग्राम एक मजबूत अवसर साबित हो सकता है.