JEE Main 2026 Answer Key & Response Sheet Date: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) JEE Main 2026 सेशन 1 की आंसर की और कैंडिडेट रिस्पॉन्स शीट 4 फरवरी को जारी करने जा रही है. इस परीक्षा में करीब 13 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे. परीक्षा में बैठे छात्र ये दोनों डॉक्यूमेंट आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in से डाउनलोड कर सकेंगे.
जिन उम्मीदवारों को आंसर की पर आपत्ति है, उनके लिए ऑब्जेक्शन विंडो 4 और 5 फरवरी तक खुली रहेगी. वहीं, सेशन 1 का रिजल्ट 12 फरवरी 2026 को घोषित किए जाने की संभावना है.
परीक्षा शेड्यूल और पेपर का ओवरऑल लेवल
JEE Main 2026 सेशन 1 के BE और BTech पेपर 21 जनवरी से 28 जनवरी के बीच आयोजित किए गए थे. परीक्षा कई शिफ्टों में हुई, जिसमें कठिनाई स्तर शिफ्ट और विषय के अनुसार थोड़ा अलग रहा. कुल मिलाकर पेपर को मीडियम डिफिकल्टी लेवल का माना गया. हालांकि, कुछ शिफ्ट में पेपर अपेक्षाकृत आसान रहे, जबकि कुछ में खासकर मैथ्स सेक्शन ने छात्रों को चुनौती दी. पिछले साल की तुलना में, इस बार अधिकांश शिफ्ट आसान से मीडियम रेंज में रहीं.
सब्जेक्ट-वाइज एनालिसिस: कहां आई ज्यादा चुनौती?
मैथ्स: कई शिफ्ट में लंबे और कैलकुलेशन-आधारित सवाल पूछे गए, जिससे टाइम मैनेजमेंट अहम बन गया.
फिजिक्स: कॉन्सेप्ट और एप्लीकेशन पर आधारित प्रश्न ज्यादा दिखे, जिससे बेसिक क्लैरिटी रखने वाले छात्रों को फायदा मिला.
केमिस्ट्री: NCERT आधारित सवालों का दबदबा रहा, खासकर इनऑर्गेनिक और ऑर्गेनिक हिस्सों में.
सुबह की शिफ्ट आमतौर पर ज्यादा बैलेंस्ड मानी गईं, जबकि दोपहर और शाम की शिफ्ट में मैथ्स अपेक्षाकृत कठिन रही.
नॉर्मलाइजेशन से मिलेगी बराबरी
चूंकि परीक्षा अलग-अलग शिफ्टों में हुई, इसलिए NTA द्वारा अपनाई जाने वाली नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया से शिफ्ट-वाइज अंतर को संतुलित किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी उम्मीदवार को कठिन या आसान शिफ्ट की वजह से नुकसान न हो.
बदलता JEE Main ट्रेंड क्या संकेत देता है?
पिछले कुछ वर्षों की तरह इस बार भी JEE Main में रटने की बजाय कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग, स्पीड और एक्यूरेसी पर जोर दिखा. मैथ्स में सवाल लंबे होते जा रहे हैं, केमिस्ट्री पूरी तरह NCERT-ड्रिवन हो चुकी है, और फिजिक्स में एप्लीकेशन-बेस्ड अप्रोच साफ नजर आती है.
कट-ऑफ और आगे की प्रक्रिया
JEE Main 2026 की ऑफिशियल कट-ऑफ NTA द्वारा अप्रैल में सेशन 2 की परीक्षा पूरी होने के बाद, फाइनल रिजल्ट के साथ जारी की जाएगी. इसके आधार पर उम्मीदवार JEE Advanced और अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए पात्र माने जाएंगे. उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपडेट्स के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें.