Live
Search
Home > Education > JEE Main 2026 Exam: जेईई मेंस में हो रहे हैं शामिल, तो इन बातों पर करें फोकस, सफलता कदम चूमेगी

JEE Main 2026 Exam: जेईई मेंस में हो रहे हैं शामिल, तो इन बातों पर करें फोकस, सफलता कदम चूमेगी

JEE Main 2026 Exam: आज से शुरू हो रही जेईई मेंस 2026 परीक्षा को लेकर छात्रों में उत्साह और तनाव दोनों हैं. अगर आप भी आज इस परीक्षा में उपस्थित होने वाले हैं, तो दिए गए बातों को ध्यान से पढ़ें.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: January 21, 2026 08:11:45 IST

Mobile Ads 1x1

JEE Main 2026 Exam: ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE Main) 2026 की शुरुआत आज यानी 21 जनवरी से हो रही है. यह परीक्षा पूरे देश में दो शिफ्टों में सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित की जा रही है. ऐसे में लाखों छात्रों के मन में घबराहट के साथ-साथ उम्मीद भी है. इस अहम मौके पर IIT मंडी के छात्र रिशांग यादव ने अपनी तैयारी से जुड़े उपयोगी सुझाव साझा किए हैं, जो हर उम्मीदवार के लिए मार्गदर्शक बन सकते हैं.

डिसिप्लिन और स्मार्ट स्टडी रूटीन

लंबी-लंबी पढ़ाई से ज्यादा जरूरी है स्मार्ट प्लानिंग. 2–3 घंटे के फोकस्ड स्टडी सेशन, बीच-बीच में ब्रेक, थोड़ी एक्सरसाइज और दिमाग को रिफ्रेश करने का समय लेना चाहिए. ये सभी चीजें बर्नआउट से बचाती हैं और एकाग्रता बनाए रखती हैं.

जल्दी शुरुआत और मजबूत नींव का महत्व

रिशांग के अनुसार JEE की तैयारी क्लास 11 से शुरू करना सबसे सही रणनीति है. इससे फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के कॉन्सेप्ट्स को समझने के लिए पर्याप्त समय मिलता है. जल्दी शुरुआत करने से आखिरी समय का दबाव कम होता है और पढ़ाई एक सतत प्रक्रिया बन जाती है.

सब्जेक्ट-वाइज स्ट्रैटेजी

फिजिक्स को उन्होंने सबसे ज्यादा रिलेटेबल माना क्योंकि यह रोज़मर्रा की दुनिया से जुड़ी है. केमिस्ट्री में ऑर्गेनिक लॉजिक-बेस्ड, फिजिकल प्रैक्टिस-बेस्ड और इनऑर्गेनिक रिवीजन-बेस्ड होती है. मैथ्स में अलग-अलग तरह के सवालों का प्रैक्टिस स्पीड और सटीकता बढ़ाता है.

कॉन्सेप्ट क्लैरिटी सबसे जरूरी

फॉर्मूलों को रटने के बजाय उनके पीछे का लॉजिक समझना जरूरी है. फिजिक्स में विज़ुअलाइज़ेशन और खुद से डेरिवेशन निकालना, मैथ्स में नियमित प्रैक्टिस और केमिस्ट्री में समझ व याददाश्त का संतुलन, यही सफलता की कुंजी है.

मॉक टेस्ट और एनालिसिस की ताकत

पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को मॉक टेस्ट की तरह हल करना बेहद जरूरी है. रिशांग बताते हैं कि वे परीक्षा के नजदीक हर दूसरे दिन मॉक टेस्ट देते थे और फिर अपनी गलतियों का गहराई से विश्लेषण करते थे. इससे कमजोर टॉपिक्स पहचानने और उन्हें सुधारने में मदद मिली.

कमजोरियों को ताकत में बदलना

रिजिड बॉडी डायनामिक्स और कोनिक सेक्शन्स उनके लिए कठिन थे, लेकिन सवाल पूछने, विज़ुअलाइज़ करने और लगातार प्रैक्टिस से उन्होंने इन्हें भी मजबूत बना लिया.

JEE Main को मॉक टेस्ट की तरह लें, खुद पर भरोसा रखें और लगातार मेहनत करें. सही रणनीति, धैर्य और आत्मविश्वास ही आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाएगा.

MORE NEWS

More News