JEE Mains 2026 Result Date: इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेंस 2026 सेशन 1 के रिज़ल्ट की तारीख 12 फरवरी से बढ़ाकर 16 फरवरी कर दी है. ऐसे में अभ्यर्थियों का इंतजार अब कुछ दिन और लंबा हो गया है. रिज़ल्ट घोषित होने के बाद जो उम्मीदवार निर्धारित कट-ऑफ हासिल करेंगे, वे JEE Advanced के लिए योग्य होंगे, जो देश के प्रतिष्ठित IITs में प्रवेश का रास्ता खोलता है. वहीं, जिनका स्कोर अपेक्षा से कम रहेगा, उनके पास अप्रैल 2026 में होने वाले दूसरे सेशन में सुधार का मौका होगा.
वहीं पिछले साल की बात करें, तो 14 उम्मीदवारों ने जेईई मेंस सेशन 1 में 100 पर्सेंटाइल अंक हासिल किए थे. इसके साथ ही इस साल के स्कोरिंग सिस्टम और पिछले साल के टॉपर्स के बारे में नीचे विस्तार से पढ़ सकते हैं.
पिछले साल के आंकड़े: दो-सेशन फॉर्मेट का असर
NTA के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 (सेशन 1) में 12.58 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे. अप्रैल (सेशन 2) में लगभग 9.92 लाख छात्रों ने भाग लिया. दिलचस्प बात यह है कि 7.75 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दोनों सेशन में परीक्षा दी, जिससे साफ है कि छात्र “बेस्ट स्कोर” की रणनीति अपना रहे हैं. कुल मिलाकर, 14.75 लाख से अधिक यूनिक उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, जो JEE Main की लोकप्रियता को दर्शाता है.
JEE Main Marks vs Percentile: समझें स्कोरिंग सिस्टम
JEE Main में पर्सेंटाइल सिस्टम लागू होता है, जहां आपका स्कोर अन्य अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के आधार पर तय होता है. कई छात्र अपना पर्सेंटाइल सुधारने के लिए अप्रैल सेशन में दोबारा बैठते हैं, क्योंकि अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार करते समय बेस्ट स्कोर को प्राथमिकता दी जाती है.
दो बार 100 पर्सेंटाइल: टॉपर्स की प्रेरणादायक कहानी
वर्ष 2025 में 14 छात्रों ने जनवरी और अप्रैल दोनों सेशन में 100.00 पर्सेंटाइल हासिल कर इतिहास रचा. इनमें आयुष सिंघल (राजस्थान), कुशाग्र गुप्ता (कर्नाटक), दक्ष और हर्ष झा (दिल्ली), रजित गुप्ता (राजस्थान) सहित कई नाम शामिल रहे. खास बात यह रही कि कुछ छात्रों ने जनवरी में परफेक्ट स्कोर पाने के बावजूद अप्रैल में दोबारा परीक्षा दी और फिर से 100 पर्सेंटाइल हासिल किया.
पश्चिम बंगाल की देवदत्ता माझी ने जनवरी में 99.99921 पर्सेंटाइल हासिल किया था, लेकिन अप्रैल में शानदार वापसी करते हुए 100 पर्सेंटाइल प्राप्त कर लिया.
JEE Main का दो-सेशन फॉर्मेट: छात्रों के लिए फायदेमंद
हर साल दो सेशन में आयोजित होने वाली JEE Main परीक्षा छात्रों को लचीलापन देती है. वे या तो अपने पहले प्रयास को सुधार सकते हैं या एडवांस्ड से पहले अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं. अब सभी की नजर 16 फरवरी को आने वाले रिज़ल्ट पर टिकी है. यही फैसला करेगा कि कौन IIT की ओर कदम बढ़ाएगा और कौन अप्रैल में एक और कोशिश के लिए तैयारी करेगा.