MCD Shri School: भारत के शहरी इलाकों में शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे एक अहम मोड़ पर पहुंच रही है और दिल्ली नगर निगम (MCD) की श्री स्कूल पहल इस बदलाव की एक मजबूत मिसाल बनकर उभर रही है. यह पहल नगर निगम स्कूलों की गुणवत्ता, माहौल और पढ़ाई के तरीकों को नए सिरे से गढ़ने का प्रयास है, ताकि सरकारी स्कूल शिक्षा के भरोसेमंद और आकर्षक विकल्प बन सकें.
क्या है MCD श्री स्कूल पहल?
MCD श्री स्कूल पहल के तहत चुनिंदा नगर निगम स्कूलों को मॉडल और बेहतरीन शैक्षणिक संस्थानों के रूप में विकसित किया जाएगा. यह मॉडल केंद्र सरकार के पीएम श्री स्कूलों और दिल्ली सरकार के सीएम श्री स्कूलों की तर्ज पर तैयार किया गया है. पहले चरण में दिल्ली के हर MCD ज़ोन में दो-दो श्री स्कूल स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रवेश में होशियार और प्रतिभाशाली छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी.
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में बड़ा बदलाव
इस पहल के अंतर्गत स्कूलों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक रूप दिया जाएगा. बेहतर रोशनी और वेंटिलेशन वाले क्लासरूम, साफ-सुथरे शौचालय, सुरक्षित पेयजल, लाइब्रेरी और एक्टिविटी रूम जैसी सुविधाएं अब शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा होंगी. बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सीखने को आसान और रुचिकर बनाया जाएगा, जिससे उपस्थिति और भागीदारी दोनों में सुधार आएगा.
शिक्षकों और शिक्षा की गुणवत्ता पर फोकस
श्री स्कूल मॉडल सिर्फ इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका केंद्र शिक्षण गुणवत्ता है. शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल टूल्स और कॉन्सेप्ट-आधारित पढ़ाई के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जाएगा. मेयर राजा इकबाल सिंह के अनुसार शिक्षा, मूल्य और अनुशासन मिलकर समाज की रीढ़ बनते हैं और शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता होते हैं.
ऐसे होगा चयन
नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने बताया कि MCD स्कूलों में होशियार छात्रों की पहचान पर विशेष ज़ोर दिया जाएगा. हर साल पांचवीं कक्षा से 100 प्रतिभाशाली छात्रों का चयन किया जाएगा, जिनकी अकादमिक, खेल और अन्य गतिविधियों में उपलब्धियों को निगम की वेबसाइट पर साझा किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें.
इन चीजों पर होगा फोकस
अकादमिक पढ़ाई के अलावा, MCD मिड-डे मील, यूनिफॉर्म और अन्य बुनियादी सुविधाओं को भी मजबूत कर रहा है. स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग और जीवन कौशल पर फोकस कर छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाएगा.
अगर यह मॉडल प्रभावी रूप से लागू होता है, तो MCD श्री स्कूल पहल न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश के लिए शहरी शिक्षा सुधार का उदाहरण बन सकती है. यह पहल सरकारी स्कूलों की छवि बदलने और समान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक ठोस कदम है.