NEET UG 2026 Exam: हर साल भारत में 20 लाख से ज़्यादा छात्र सफेद कोट पहनकर डॉक्टर बनने का सपना और एक ही उम्मीद के साथ NEET परीक्षा में बैठते हैं. MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सेज़ में दाख़िला पाने के लिए NEET अब सिर्फ एक एंट्रेंस एग्ज़ाम नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य का फैसला करने वाली परीक्षा बन चुकी है.
देश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या सीमित है, जबकि मेडिकल बनने की चाह रखने वाले छात्रों की संख्या हर साल बढ़ रही है. यही वजह है कि कंपटीशन दिन-प्रतिदिन कठिन होती जा रही है. कई होनहार छात्र अच्छे अंक लाने के बावजूद सीट से दूर रह जाते हैं, जिससे तनाव और असमंजस और बढ़ जाता है.
NEET की तैयारी केवल किताबों और कोचिंग तक सीमित नहीं है. सही कटऑफ, काउंसलिंग प्रक्रिया, कैटेगरी-वाइज नियम और कॉलेज विकल्पों की जानकारी न होने पर छात्र कई बार गलत फैसले ले बैठते हैं. जानकारी की कमी, मेहनत पर भारी पड़ सकती है. आइए इन सभी बातों को विस्तार से जानते हैं.
NEET 2026 का कटऑफ कब आएगा?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा NEET 2026 की परीक्षा मई में आयोजित की जा सकती है और रिजल्ट जून 2026 तक जारी किए जाने की उम्मीद है. इसी के साथ कटऑफ भी घोषित किया जाएगा.
कटऑफ दो हिस्सों में होता है:
क्वालिफाइंग कटऑफ – NEET पास करने के लिए न्यूनतम पर्सेंटाइल
एडमिशन कटऑफ – MBBS सीट पाने के लिए ज़रूरी वास्तविक मार्क्स
क्वालिफाइंग और एडमिशन कटऑफ में फर्क समझना ज़रूरी
अक्सर छात्र यहीं भ्रमित हो जाते हैं. NEET क्वालिफाई करने का मतलब यह नहीं कि आपको MBBS सीट मिल ही जाएगी.
उदाहरण के तौर पर जनरल कैटेगरी में 145–165 नंबर से NEET पास हो सकता है, लेकिन टॉप सरकारी कॉलेज पाने के लिए 550 से 650+ मार्क्स तक चाहिए होते हैं.
NEET 2025: कैटेगरी-वाइज क्वालिफाइंग मार्क्स
जनरल / EWS: 50th पर्सेंटाइल — 145 से 165 मार्क्स
OBC: 40th पर्सेंटाइल — 125 से 140 मार्क्स
SC / ST: 40th पर्सेंटाइल — 115 से 130 मार्क्स
जनरल-PwD: 45th पर्सेंटाइल — 130 से 150 मार्क्स
OBC/SC/ST-PwD: 40th पर्सेंटाइल — 110 से 125 मार्क्स
ये केवल एलिजिबिलिटी मार्क्स हैं, MBBS एडमिशन के लिए इससे कहीं ज़्यादा स्कोर चाहिए.
पिछले वर्षों का ट्रेंड क्या कहता है?
वर्ष 2022 से 2024 तक के आंकड़े बताते हैं कि हर साल कटऑफ ऊपर की ओर बढ़ा है. AIIMS, MAMC जैसे टॉप कॉलेजों के लिए जनरल कैटेगरी में 600–650+ मार्क्स आम बात हो गई है. OBC और SC/ST कैटेगरी में भी सरकारी कॉलेजों के लिए 450 से 550+ नंबर तक की जरूरत पड़ रही है.
स्टूडेंट्स के लिए सबसे ज़रूरी बात
अगर आपका लक्ष्य सरकारी MBBS कॉलेज है, तो सिर्फ NEET पास करना काफी नहीं. जितने ज़्यादा नंबर, उतने ज़्यादा विकल्प और उतना सुरक्षित भविष्य होगा. NEET 2026 में सफलता सिर्फ कटऑफ पार करने से नहीं, बल्कि कटऑफ से आगे निकलने से मिलेगी. तैयारी ऐसी रखें कि नंबर आपको चुनें, न कि आप कॉलेज.