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Home > Education > MBBS Course: नीट के बिना MBBS एडमिशन के झांसे से बचें, न लें इन विदेशी कॉलेजों में दाखिला, NMC ने दी कड़ी चेतावनी

MBBS Course: नीट के बिना MBBS एडमिशन के झांसे से बचें, न लें इन विदेशी कॉलेजों में दाखिला, NMC ने दी कड़ी चेतावनी

NEET MBBS Admission: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने एक महत्वपूर्ण एडवाइज़री जारी की है. विदेशों में एमबीबीएस की पढ़ाई करने से पहले दिए गए इन बातों को ध्यान से पढ़ें.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: April 3, 2026 15:00:41 IST

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MBBS Admission: भारतीय छात्रों के बीच विदेश में MBBS करने का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है, लेकिन हाल ही में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने एक महत्वपूर्ण एडवाइज़री जारी कर इस रास्ते के जोखिमों को उजागर किया है. खासतौर पर उज़्बेकिस्तान के कुछ मेडिकल संस्थानों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं, जो छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डाल सकती हैं.

NMC के अनुसार, कई भारतीय छात्र ऐसे विदेशी कॉलेजों में एडमिशन ले रहे हैं जो Foreign Medical Graduate Licentiate Regulations 2021 (FMGL) के मानकों को पूरा नहीं करते. इसका परिणाम यह हो सकता है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी छात्र भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए पात्र न हों.

उज़्बेकिस्तान के संस्थान चर्चा में क्यों?

कुछ प्रमुख संस्थान जिन पर सवाल उठाए गए हैं:

बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट
समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
टर्मेज़ ब्रांच (TSMU से जुड़ी)

इन संस्थानों को लेकर Embassy of India in Tashkent द्वारा दी गई रिपोर्ट्स में कई खामियां सामने आई हैं.

सामने आई प्रमुख समस्याएं

दूतावास की रिपोर्ट के अनुसार:

क्षमता से अधिक छात्रों को एडमिशन
क्लिनिकल ट्रेनिंग की कमी
पढ़ाई का माध्यम अंग्रेज़ी न होना
एडमिशन प्रक्रिया में अनियमितताएं

FMGL नियमों का उल्लंघन

ये सभी समस्याएं छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता और उनके करियर को प्रभावित कर सकती हैं.

FMGL 2021: क्या हैं ज़रूरी नियम?

विदेश से MBBS करने वाले छात्रों के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें हैं:

कम से कम 54 महीने की पढ़ाई एक ही संस्थान में
12 महीने की इंटर्नशिप उसी विश्वविद्यालय से
लगातार क्लिनिकल ट्रेनिंग
अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाई
मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री

इन नियमों का पालन न करने पर भारत में रजिस्ट्रेशन संभव नहीं होगा.

छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

NMC ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एडमिशन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है:

NEET क्वालिफिकेशन के बिना एडमिशन ऑफर पर भरोसा न करें.
संस्थान की मान्यता ज़रूर वेरिफाई करें.
एजेंट या बिचौलियों से सावधान रहें.
फीस जमा करने से पहले सभी नियमों की पुष्टि करें.
आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें.

विदेश में MBBS एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन बिना सही जानकारी के लिया गया निर्णय जोखिम भरा साबित हो सकता है. NMC की यह एडवाइज़री छात्रों के लिए चेतावनी ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शन भी है. सही रिसर्च, प्रमाणिक जानकारी और सतर्कता ही आपको सुरक्षित और सफल मेडिकल करियर की ओर ले जा सकती है.

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Written By: Munna Kumar
Last Updated: April 3, 2026 15:00:41 IST

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MBBS Admission: भारतीय छात्रों के बीच विदेश में MBBS करने का ट्रेंड लगातार बढ़ रहा है, लेकिन हाल ही में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने एक महत्वपूर्ण एडवाइज़री जारी कर इस रास्ते के जोखिमों को उजागर किया है. खासतौर पर उज़्बेकिस्तान के कुछ मेडिकल संस्थानों को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं, जो छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डाल सकती हैं.

NMC के अनुसार, कई भारतीय छात्र ऐसे विदेशी कॉलेजों में एडमिशन ले रहे हैं जो Foreign Medical Graduate Licentiate Regulations 2021 (FMGL) के मानकों को पूरा नहीं करते. इसका परिणाम यह हो सकता है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी छात्र भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए पात्र न हों.

उज़्बेकिस्तान के संस्थान चर्चा में क्यों?

कुछ प्रमुख संस्थान जिन पर सवाल उठाए गए हैं:

बुखारा स्टेट मेडिकल इंस्टीट्यूट
समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
ताशकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी
टर्मेज़ ब्रांच (TSMU से जुड़ी)

इन संस्थानों को लेकर Embassy of India in Tashkent द्वारा दी गई रिपोर्ट्स में कई खामियां सामने आई हैं.

सामने आई प्रमुख समस्याएं

दूतावास की रिपोर्ट के अनुसार:

क्षमता से अधिक छात्रों को एडमिशन
क्लिनिकल ट्रेनिंग की कमी
पढ़ाई का माध्यम अंग्रेज़ी न होना
एडमिशन प्रक्रिया में अनियमितताएं

FMGL नियमों का उल्लंघन

ये सभी समस्याएं छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता और उनके करियर को प्रभावित कर सकती हैं.

FMGL 2021: क्या हैं ज़रूरी नियम?

विदेश से MBBS करने वाले छात्रों के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें हैं:

कम से कम 54 महीने की पढ़ाई एक ही संस्थान में
12 महीने की इंटर्नशिप उसी विश्वविद्यालय से
लगातार क्लिनिकल ट्रेनिंग
अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाई
मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री

इन नियमों का पालन न करने पर भारत में रजिस्ट्रेशन संभव नहीं होगा.

छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

NMC ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एडमिशन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है:

NEET क्वालिफिकेशन के बिना एडमिशन ऑफर पर भरोसा न करें.
संस्थान की मान्यता ज़रूर वेरिफाई करें.
एजेंट या बिचौलियों से सावधान रहें.
फीस जमा करने से पहले सभी नियमों की पुष्टि करें.
आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें.

विदेश में MBBS एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन बिना सही जानकारी के लिया गया निर्णय जोखिम भरा साबित हो सकता है. NMC की यह एडवाइज़री छात्रों के लिए चेतावनी ही नहीं, बल्कि मार्गदर्शन भी है. सही रिसर्च, प्रमाणिक जानकारी और सतर्कता ही आपको सुरक्षित और सफल मेडिकल करियर की ओर ले जा सकती है.

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