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NEET में 720 में से 700 अंक, तैयारी की ऐसी स्मार्ट स्ट्रेटेजी, 18 साल की उम्र में AIIMS का सपना पूरा

NEET UG Medical College AIIMS Story: नीट यूजी की तैयारी में इस स्मार्ट स्ट्रेटेजी अपनाकर महाराष्ट्र की एक लड़की ने पहले प्रयास में 720 में से 700 अंक हासिल की हैं.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: February 12, 2026 13:39:20 IST

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NEET Success Story: अगर आप भी नीट यूजी की तैयारी कर रहे हैं और इस साल परीक्षा देने वाले हैं, तो अपनी स्ट्रेटेजी को तीन मजबूत स्तंभों पर टिका दें-जितना हो सके उतनी सवालों की प्रैक्टिस, हर टेस्ट के बाद गलतियों का गहराई से विश्लेषण, और अपनी सेहत का पूरा ध्यान. यही संतुलित तैयारी आपको भी टॉप स्कोर के करीब ले जा सकती है. महाराष्ट्र के यवतमाल की रहने वाली वैष्णवी राठौड़ (Vaishnavi Rathod) ने इसी स्मार्ट अप्रोच को अपनाकर NEET UG में शानदार सफलता हासिल की. उन्होंने पहले ही प्रयास में 720 में से 700 अंक प्राप्त किए और मात्र 18 वर्ष की उम्र में AIIMS नई दिल्ली में MBBS सीट हासिल की.

वैष्णवी का मानना है कि लगातार मॉक टेस्ट देना, हर गलत उत्तर से सीख लेना और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करना ही उनकी सफलता की असली कुंजी रही. अगर आप भी NEET में टॉप रैंक पाना चाहते हैं, तो रटने से ज्यादा समझने, गलतियों से सीखने और फिट रहने पर ध्यान दें. यही फॉर्मूला आपको भी मेडिकल कॉलेज के सपने तक पहुंचा सकता है.

शुरुआती मोटिवेशन और अकादमिक बैकग्राउंड

वैष्णवी का मेडिकल करियर का निर्णय उनके पर्सनल एस्पिरेशन और बढ़ती अकादमिक रुचि पर आधारित था. वह कहती हैं कि MBBS के लिए मेरा मेन मोटिवेशन मेरे पिता का सपना पूरा करना था. स्कूल में PCMB चुनने के बाद उनकी बायोलॉजी में गहरी दिलचस्पी पैदा हुई. हालांकि उन्होंने इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम के बारे में भी सोचा, लेकिन उनका फोकस साफ था NEET उनका मुख्य लक्ष्य. जय हिंद कॉलेज, चंद्रपुर में पढ़ाई के दौरान उन्होंने क्लास 10 में 94% और क्लास 12 में 92% अंक हासिल किए. उन्होंने बैकअप विकल्प JEE और MHT-CET रखे ताकि प्रेशर कम हो और मानसिक संतुलन बना रहे.

NEET तैयारी का रूटीन और स्ट्रक्चर

वैष्णवी ने 2021 में क्लास 11 में NEET कोचिंग शुरू की. उनका डेली रूटीन कोचिंग, रिवीजन और प्रश्न हल करने के इर्द-गिर्द घूमता था. सुबह हल्का रिवीजन, फिर लंबी कोचिंग क्लास और शाम को प्रश्न हल करना उनकी आदत थी. रात में हल्की पढ़ाई और मिस्टेक एनालिसिस करते थे. उन्होंने कहा कि कंसिस्टेंसी सबसे महत्वपूर्ण है. हर दिन प्रोडक्टिव नहीं होता, लेकिन लगातार वापस लौटना ज़रूरी है. उनका फोकस घंटों की संख्या पर नहीं बल्कि कवर किए गए टॉपिक और हल किए गए सवालों पर था.

तैयारी के मुख्य सिद्धांत

वैष्णवी की तैयारी का आधार था.
सवालों की प्रैक्टिस- जितना हो सके उतने प्रश्न हल करना.
गलतियों का एनालिसिस- मिस्टेक-बुक बनाकर रेगुलर एनालिसिस करना.
हेल्थ का ध्यान- पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना.

एग्जाम के करीब उनका रिवीजन और भी टारगेटेड हो गया. बायोलॉजी और इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री के लिए NCERT पर भरोसा किया, फिजिकल और ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के लिए नोट्स और NCERT दोनों. फिजिक्स के लिए मुख्य रूप से नोट्स का इस्तेमाल किया.

मुश्किलें, स्ट्रेस और मेंटल हेल्थ

वैष्णवी ने स्ट्रेस और मुश्किल टॉपिक्स से निपटने के लिए टाइम-मैनेजमेंट अपनाया. कठिन सवालों को रिव्यू के लिए रखा और आगे बढ़ी. मानसिक स्वास्थ्य के लिए उन्होंने अपने विचार साझा करना, वीडियो देखना और जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल मदद लेना महत्वपूर्ण बताया.

भविष्य की योजना

वैष्णवी NEET में AIR 230 के साथ AIIMS नई दिल्ली में MBBS कर रही हैं, कोर्स 2028 में खत्म होगा. MBBS के बाद वह पोस्ट-ग्रेजुएशन और स्पेशलाइजेशन विकल्पों पर ध्यान देंगी. कॉलेज चुनते समय उन्होंने पढ़ाई, रिसर्च एक्सपोज़र और घर से दूरी को प्रायोरिटी दी.

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Last Updated: February 12, 2026 13:39:20 IST

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