NEET PG 2026 Exam Schedule: नीट पीजी मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर है. नेशनल बोर्ड ऑफ़ एग्ज़ामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नीट पीजी 2026 और NEET-MDS 2026 के लिए प्रोविज़नल परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है. यह शेड्यूल उन हज़ारों उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम है जो पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन की तैयारी कर रहे हैं. जो भी इस परीक्षा के लिए शामिल होने वाले हैं, वे एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर जाकर पूरा शेड्यूल देख सकते हैं.
NEET-MDS 2026: तारीख और इंटर्नशिप कट-ऑफ
NBEMS की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, NEET-MDS 2026 का आयोजन शनिवार, 2 मई 2026 को किया जा सकता है. इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को अपनी अनिवार्य इंटर्नशिप 31 मई 2026 तक पूरी करनी होगी. तय समय तक इंटर्नशिप पूरी न करने वाले अभ्यर्थी परीक्षा के लिए योग्य नहीं माने जाएंगे.
NEET-PG 2026: परीक्षा कब होगी?
वहीं, NEET-PG 2026 के आयोजन की संभावित तारीख रविवार, 30 अगस्त 2026 बताई गई है. इस परीक्षा के लिए क्वालिफाई करने हेतु उम्मीदवारों को 30 सितंबर 2026 तक अपनी इंटर्नशिप पूरी करनी होगी. यह परीक्षा देशभर के निर्धारित केंद्रों पर कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी.
पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन का एकमात्र रास्ता
NBEMS ने स्पष्ट किया है कि MD, MS और PG डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन केवल NEET-PG के माध्यम से ही होगा. किसी भी राज्य सरकार, निजी मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी को इन कोर्सों के लिए अलग से एंट्रेंस परीक्षा आयोजित करने की अनुमति नहीं है. इससे पूरे देश में मेडिकल PG एडमिशन प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहती है. हालांकि, कुछ चुनिंदा मेडिकल संस्थानों को मौजूदा नियमों के तहत इस व्यवस्था से छूट प्राप्त है, और वे अपनी अलग एडमिशन प्रक्रिया का पालन करते हैं.
NEET-PG 2025 कट-ऑफ विवाद पर दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया है, जिसमें NEET-PG 2025 के लिए कट-ऑफ मार्क्स घटाने के सरकारी फैसले को चुनौती दी गई थी. एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता का दावा था कि कट-ऑफ में भारी कमी से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और इससे मरीज़ों की सुरक्षा पर असर पड़ेगा.
कोर्ट की अहम टिप्पणी
याचिका खारिज करते हुए मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों की विशेषज्ञता और कौशल को निखारना है, न कि उनकी समग्र क्षमता का अंतिम मूल्यांकन करना. कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि क्या मेडिकल PG सीटों को खाली छोड़ना वास्तव में जनहित में होगा.