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NEET UG में आखिरी 3 महीने में करना है अच्छा स्कोर, तो आजमाएं ये स्मार्ट स्ट्रैटेजी, MBBS की मिल जाएगी सीट

NEET UG से पहले के आखिरी तीन महीने निर्णायक होते हैं. अगर आप भी इन तीन महीनों में अच्छा स्कोर करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें.

Written By: Munna Kumar
Last Updated: February 25, 2026 16:15:33 IST

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NEET UG 2026 Exam: नीट यूजी से पहले के अंतिम तीन महीने हर मेडिकल उम्मीदवारों के लिए गेम-चेंजर साबित होते हैं. यह समय नई किताबें शुरू करने का नहीं, बल्कि पूरे सिलेबस को मजबूत पकड़ में लेने का है. कॉन्सेप्ट को दोबारा रिवाइज करें, कमजोर टॉपिक्स पहचानकर सुधारें और नियमित मॉक टेस्ट से स्पीड व एक्यूरेसी बढ़ाएं. परीक्षा में 180 मिनट में 180 प्रश्न हल करने होते हैं, इसलिए तेज रीकॉल और सही टाइम मैनेजमेंट बेहद जरूरी है.

शांत दिमाग, स्पष्ट सोच और रणनीतिक अभ्यास ही आपको भीड़ से अलग बनाते हैं। एक सुनियोजित स्टडी प्लान, एनसीईआरटी आधारित रिवीजन और गलतियों का विश्लेषण आपके स्कोर में बड़ा अंतर ला सकता है और सरकारी मेडिकल कॉलेज का सपना साकार कर सकता है।

महीना 1: फुल सिलेबस रिवीजन और करें बेस मजबूत

पहले महीने का लक्ष्य होना चाहिए, पूरा सिलेबस एक बार दोहराना और कमजोर चैप्टर्स पहचानना.

बायोलॉजी (360 मार्क्स का वेटेज): NCERT को लाइन-बाय-लाइन पढ़ें. डायग्राम, टेबल, हाइलाइटेड लाइन और उदाहरण बेहद महत्वपूर्ण हैं. ह्यूमन फिजियोलॉजी, जेनेटिक्स, इकोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और रिप्रोडक्शन जैसे टॉपिक्स पर खास ध्यान दें. रोज़ 100–150 MCQs हल करें, लेकिन क्वालिटी पर फोकस रखें.

केमिस्ट्री: फिजिकल, ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक हिस्सों में तैयारी बांटें. 
फिजिकल में फॉर्मूला और न्यूमेरिकल प्रैक्टिस (मोल कॉन्सेप्ट, थर्मोडायनामिक्स, इक्विलिब्रियम).
ऑर्गेनिक में GOC, नाम रिएक्शन और मैकेनिज्म दोहराएं.
इनऑर्गेनिक में NCERT को प्राथमिकता दें.

फिजिक्स: मैकेनिक्स, करंट इलेक्ट्रिसिटी, मॉडर्न फिजिक्स और ऑप्टिक्स पर फोकस करें. रोज 50–70 अच्छे MCQs हल करें और फॉर्मूला शीट अपडेट रखें.

महीना 2: मॉक टेस्ट और परफॉर्मेंस एनालिसिस

दूसरे महीने में फुल-लेंथ मॉक टेस्ट मुख्य फोकस होना चाहिए. हर हफ्ते 2–3 टेस्ट दें, बेहतर होगा 2 से 5 बजे के बीच, ताकि असली परीक्षा जैसा माहौल बने.

हर टेस्ट के बाद गहराई से विश्लेषण करें:
कॉन्सेप्ट गलती
कैलकुलेशन एरर
गलत प्रश्न चयन
टाइम मैनेजमेंट समस्या
एक “एरर नोटबुक” बनाएं और साप्ताहिक रिवीजन करें.

बायोलॉजी को बार-बार दोहराएं, केमिस्ट्री के फॉर्मूला और रिएक्शन याद रखें और फिजिक्स में लगातार न्यूमेरिकल सॉल्व करते रहें.

महीना 3: पॉलिशिंग, एक्यूरेसी और कॉन्फिडेंस

आखिरी महीने में नया मटीरियल बिल्कुल शुरू न करें. सिर्फ NCERT, शॉर्ट नोट्स और पहले हल किए सवालों पर ध्यान दें. हर दूसरे दिन मॉक दें, लेकिन ओवरलोड न करें. लक्ष्य रखें कि एक्यूरेसी 85–90% से ऊपर पहुंचे.

अंतिम 10–15 दिन हल्के रिवीजन, फॉर्मूला याद करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए रखें. पर्याप्त नींद लें, हेल्दी रूटीन फॉलो करें और दूसरों से तुलना करने से बचें.

NEET की तैयारी के आखिरी तीन महीने मानसिक मजबूती और अनुशासन की परीक्षा होते हैं. नियमित रिवीजन, स्मार्ट मॉक प्रैक्टिस और NCERT पर भरोसा आपको हाई स्कोर दिला सकता है. सही रणनीति और शांत मन के साथ आप अपनी मेडिकल सीट का सपना साकार कर सकते हैं.

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