सोशल मीडिया पर एक कॉलेज की नोटिस को लेकर बहस छिड़ी हुई है. इस पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि क्या कॉलेजों को राष्ट्रीय छुट्टियों पर उपस्थिति अनिवार्य करनी चाहिए और अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को दंडित करना चाहिए? इसे लेकर छात्र तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर एक छात्र ने पोस्ट शेयर कि या है. इसमें लिखा है, ‘क्या हम अभी भी स्कूल में हैं??’. इसके साथ ही उसने कॉलेज द्वारा साझा की गई नोटिस को भी लगाया गया है. हालांकि, अब इसे डिलीट कर दिया गया है. इस नोटिस में सभी छात्रों को गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी को कॉलेज आने का निर्देश दिया गया है. इसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि उपस्थिति अनिवार्य है और अनुपस्थित रहने वाले छात्रों पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. साथ ही यह भी कहा गया है कि कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसे लेकर कॉलेज के छात्रों में आक्रोश है. आपको बताते चलें कि ये पोस्ट रेडिट पर साझा किया गया है.
लोगों ने दी तरह-तरह की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. एक यूजर ने कहा, ‘मुझे कॉलेज में छात्रों के साथ स्कूली छात्रों जैसा बर्ताव करना बिल्कुल पसंद नहीं है. इसे बंद करो, मैं इस दौर से बाहर आ चुका हूं. हम सब यहां वयस्क हैं.’ वहीं दूसरे यूजर ने बोला, ‘अब मुझे पता चल गया है कि सिर्फ एकेडमिक और प्लेसमेंट ही कॉलेज की गुणवत्ता तय नहीं करते, बल्कि घटिया प्रबंधन और छात्रों के साथ दुर्व्यवहार भी एक बड़ा कारक है.’ एक और यूजर ने कहा,
‘फिर भी, उपस्थिति 2% से भी कम है. वे देशभक्ति दिखाने के लिए बेताब हैं और आयोजन की तस्वीरों और मीडिया का इस्तेमाल मार्केटिंग के लिए करते हैं, लेकिन वास्तव में आयोजन को सार्थक बनाने के लिए कोई प्रयास नहीं करना चाहते. यह कहानी सभी कॉलेजों की है, चाहे वे किसी भी स्तर के हों.’