Indian Army Sainik School: अक्सर देखा जाता है कि माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं. सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि ऐसा कौन-सा स्कूल चुना जाए, जो न सिर्फ बेहतर शिक्षा दे, बल्कि बच्चों को अनुशासन, आत्मविश्वास और बेहतरीन करियर की दिशा भी दिखाए. अगर आप भी अपने बच्चे के लिए किसी ऐसे स्कूल की तलाश में हैं, तो सैनिक स्कूल कोरुकोंडा (Sainik School Korukonda) आपके लिए एक मजबूत विकल्प बन सकता है. अगर आपके बच्चों को यहां एक बार दाखिला मिल जाता है, तो आर्मी ऑफिसर बनने का सपना साकार हो सकता है.
सैनिक स्कूल कोरुकोंडा से वर्ष 2025 में कुल 54 कैडेटों ने NDA-INA की लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की. इनमें से वर्तमान बैच के 12वीं कक्षा के 71 कैडेटों में से 40 ने परीक्षा पास की. इसके अलावा, पिछले बैच के 14 कैडेटों ने भी इस वर्ष परीक्षा में सफलता हासिल की, जिससे कुल सफल उम्मीदवारों की संख्या 54 तक पहुंच गई. यह प्रदर्शन पिछले वर्ष के 19 क्वालीफायर की तुलना में एक बड़ी छलांग है.
सैनिक स्कूल कोरुकोंडा: सपनों को हकीकत में बदलने वाला संस्थान
आंध्र प्रदेश में स्थित सैनिक स्कूल कोरुकोंडा लंबे समय से देश को अनुशासित, आत्मनिर्भर और नेतृत्व क्षमता से भरपूर युवा देने के लिए जाना जाता है. इस स्कूल में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भारतीय सेना में अधिकारी बनने की संभावनाएं कहीं अधिक हो जाती हैं, क्योंकि यहां शिक्षा के साथ-साथ सैन्य प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
NDA-INA परीक्षा में शानदार सफलता
सैनिक स्कूल कोरुकोंडा ने हाल ही में एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है. यूपीएससी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय नौसेना अकादमी (INA) की लिखित परीक्षा में स्कूल के कैडेटों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस सफलता के साथ न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे देश में स्कूल ने अपनी अलग पहचान बनाई है.
आंध्र प्रदेश के प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल कोरुकोंडा ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक और प्रशिक्षण उत्कृष्टता का प्रमाण देते हुए यूपीएससी द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय नौसेना अकादमी (INA) की लिखित परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है. इस उल्लेखनीय प्रदर्शन के साथ स्कूल ने न सिर्फ राज्य बल्कि देशभर के सैनिक स्कूलों में अपनी अलग पहचान बनाई है.
प्राचार्य और प्रशिक्षण टीम की अहम भूमिका
स्कूल के प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन एस.एस. शास्त्री ने सफल कैडेटों के लेकर कहा था कि यह सफलता उनके दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर मेहनत का परिणाम है. उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि सैनिक स्कूल कोरुकोंडा के मूल्यों और उस परंपरा को दर्शाती है, जो देश को भविष्य के सक्षम सैन्य नेतृत्व देने के लिए समर्पित है. प्रिंसिपल ने विंग कमांडर किरण वी के नेतृत्व में कार्यरत प्रशिक्षण टीम की भी विशेष सराहना की. उनके अनुसार, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, सुव्यवस्थित योजना और निरंतर प्रेरणा ने कैडेटों की इस सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई.
सैनिक स्कूल कोरुकोंडा: अनुशासन और नेतृत्व की पाठशाला
सैनिक स्कूल कोरुकोंडा एक प्रतिष्ठित रेजिडेंशियल और सीबीएसई-मान्यताप्राप्त विद्यालय है, जहां कक्षा VI और IX में प्रवेश दिया जाता है. स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना से सुसज्जित करना है. यह विद्यालय आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में स्थित है.
प्रवेश प्रक्रिया और आयु सीमा
स्कूल में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को AISSEE (All India Sainik Schools Entrance Examination) पास करना होता है, जिसे NTA आयोजित करता है.
कक्षा VI के लिए आयु सीमा: 10 से 12 वर्ष
कक्षा IX के लिए आयु सीमा: 13 से 15 वर्ष
(आयु की गणना 31 मार्च के अनुसार)
नए नियमों के तहत लड़कियों के लिए भी प्रवेश की सुविधा उपलब्ध है.
फीस स्ट्रक्चर
शैक्षणिक सेशन 2025-26 के लिए नए छात्रों का कुल वार्षिक खर्च लगभग 2 लाख तक हो सकता है, जिसमें ट्यूशन, बोर्डिंग, भोजन, यूनिफॉर्म और अन्य शुल्क शामिल हैं. फीस समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए अभिभावकों को आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी लेने की सलाह दी जाती है.