Lok Adalat Rules: ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के बाद हर किसी को चालान की प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है. अगर आप रेड लाइट क्रॉस करते हैं, सीट बेल्ट नहीं लगाते हैं या हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं तो पुलिस द्वारा चालान काटा जाता है. लेकिन, कुछ लोगों को गलतफहमी होती है कि कोर्ट जाने के बाद चालान माफ हो जाता है या चालान नहीं भरना पड़ता है. 14 फरवरी को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जो ट्रैफिक चालान को मैनेज किया जाएगा.
कुछ लोगों का मानना है कि लोक अदालत में सभी चालान माफ हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. चलिए आपको बताते हैं कि लोक अदालत में कौन से चालान माफ होंगे और किन चालानों की छूट नहीं मिलेगी.
14 फरवरी को होगा अदालत का आयोजन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 फरवरी को दिल्ली यातायात पुलिस और दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (Delhi State Legal Services Authority) द्वारा लोक अदालत का आयोजित की जाएगी. इस अदालत में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक लंबित ट्रैफिक चालानों और नोटिस का निपटारा करने की सहमति पर निपटारा किया जाएगा. अब इस कोर्ट में ऐसे मामलों का फैसला होगा, जो लंबे समय से पेंडिंग थे. इस कोर्ट द्वारा फैसला किया जाएगा कि कौन सा चालान माफ होगा और कौन सा नहीं.
कौन से चालान नहीं होते हैं माफ
मिली जानकारी के मुताबिक अगर आप नशे की हालत में वाहन चलाते हैं या हिट एंड रन या दुर्घटना से जुड़ा मामला हो ता ऐसे में इससे होने वाली सजा या चालान को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जाएगा. अगर आप बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते हैं या चोरी का वाहन या फर्जी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं तो ऐसे में लोक अदालत द्वारा चालान माफ नहीं किया जाएगा. वहीं, अगर आप रेड लाइट जंप करके किसी दुर्घटना को अंजाम देते हैं तो भी आपका चालान माफ नहीं किया जाएगा.
किन चालानों में मिल सकती है राहत
जानकारी के मुताबिक अगर आप हेलमेट नहीं पहनते हैं या सीट बेल्ट नहीं लगाते या लिमिट से थोड़ी ओवरस्पीडिंग करते हैं तो ऐसे में चालान में आपको राहत मिल सकती है. अगर आप नो-पार्किंग एरिया में गाड़ी खड़ी करते हैं और ट्रैफिक पुलिस द्वारा आपका चालान काट दिया जाए तो लोक अदालत में जाकर आप इससे राहत पा सकते हैं.