NEET Success Story: मजबूत इरादों की मिसाल बनीं बिहार की ब्यूटी झा, जिन्होंने मोमोज के ठेले से मेडिकल कॉलेज तक का सफर तय किया और अब यहां से MBBS की पढ़ाई कर रही हैं.
NEET Success Story: अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी कभी सपनों की दीवार नहीं बन सकती. ऐसे ही बिहार की एक लड़की ने अपने सपनों को पूरा किया है. उन्होंने मोमोज के ठेले से मेडिकल कॉलेज तक का सफर पूरा किया है. आज उन हज़ारों छात्रों के लिए उम्मीद की मिसाल हैं, जो सीमित संसाधनों और कठिन हालातों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं. हम जिनकी बात कर रहे हैं, उनका नाम ब्यूटी झा (NEET Beauty Jha) है. वह इस समय MBBS की पढ़ाई कर रही हैं और साल 2028 में डॉक्टर बनेंगी. लेकिन NEET तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था. यह संघर्ष, मेहनत और कभी न हार मानने वाले जज़्बे की कहानी है.
ब्यूटी झा बिहार के मधुबनी जिले की रहने वाली हैं. उन्होंने मेहनत, धैर्य और हौसला से हालात को मात देकर डॉक्टर बनने के सपने को पूरा किया है. बेहतर भविष्य की तलाश में ब्यूटी के पिता उन्हें बचपन में ही बिहार से दिल्ली ले आए. यहां उन्होंने परिवार का पेट पालने के लिए कभी फैक्ट्री में काम किया, तो कभी माली की नौकरी की. हालात किसी तरह चल रहे थे, लेकिन वर्ष 2020 में नौकरी छूटते ही परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा गई. घर चलाने का कोई पक्का ज़रिया नहीं बचा और परिवार पर संकट गहरा गया.
आर्थिक तंगी के इस दौर में ब्यूटी और उनकी मां ने मोमोज का ठेला लगाकर परिवार की ज़िम्मेदारी उठाने का फैसला किया. पढ़ाई के बाद शाम से देर रात तक ठेले पर काम करना उनकी दिनचर्या बन गई. थकान और शोर के बीच भी ब्यूटी ने किताबें नहीं छोड़ीं. ठेले पर जब भी थोड़ा समय मिलता, वह वहीं बैठकर पढ़ाई करने लगती थीं. उनके लिए हर दिन एक नई चुनौती था, लेकिन डॉक्टर बनने का सपना उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता रहा.
महंगी कोचिंग और किताबें खरीदना ब्यूटी के लिए संभव नहीं था. ऐसे में उन्होंने ऑनलाइन क्लासेस और YouTube को ही अपना सहारा बनाया. रात में दुकान बंद होने के बाद जब पूरा घर सो जाता, तब ब्यूटी चुपचाप पढ़ाई में जुट जाती थीं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से नज़रें नहीं हटाईं और खुद पर भरोसा बनाए रखा.
लगातार मेहनत और अनुशासन का नतीजा NEET 2023 में सामने आया, जब ब्यूटी झा ने 4809 रैंक हासिल की. उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट दिला दी. यह सिर्फ़ एक परीक्षा की जीत नहीं थी, बल्कि वर्षों के संघर्ष की पहचान थी. ब्यूटी झा का सपना सिर्फ़ डॉक्टर बनना नहीं है. वह आगे चलकर गरीब और जरूरतमंद लोगों का कम खर्च में या मुफ्त इलाज करना चाहती हैं. उनके लिए डॉक्टर बनना सेवा का माध्यम है.
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