2006 में आई फिल्म रंग दे बसंती को 20 साल पूरे हो चुके हैं. फिल्म के 20 साल पूरे करने पर निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने एआर रहमान के साथ काम करने के अनुभव साझा किए, खासकर लुका-छुपी गाने की रचना पर. फिल्म का संगीत आज भी युवाओं के बीच लोकप्रिय बना हुआ है.
आमिर खान अभिनीत इस फिल्म में संगीत ए आर रहमान का था, जिसमें दिवंगत गायिका लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी.
फिल्म की शुरुआत और चुनौतियां
राकेश मेहरा ने बताया कि शूटिंग से ठीक पहले उन्हें जोरदार जॉन्डिस हो गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. फिर भी डेट्स लॉक होने की वजह से रिहर्सल शुरू की गई. पूरी फिल्म को रेडियो प्रोग्राम की तरह रिकॉर्ड कर चेन्नई ले जाया गया, जहां एआर रहमान ने पियानो पर बैठकर उसी रिकॉर्डिंग से ट्रैक्स बनाए. फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘रंग दे बसंती’ और ‘लुका-छुपी’ विशेष पॉपुलर हुआ था.
लुका छुपी की रचना
फिल्म के निर्देशक ने बताया कि लुका छुपी प्लान्ड गाना नहीं था. फिल्म पूरी होने के बाद बैकग्राउंड म्यूजिक पर काम चल रहा था. रंग दे बसंती में माधवन एक वायुसेना पायलट की भूमिका निभाते हैं, जिनकी विमान दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है. उस दृश्य में, जिसमें पायलट की माँ (वहीदा रहमान द्वारा अभिनीत) को अपने बेटे की मृत्यु की खबर मिलती है, इस इमोशनल दृश्य को देखकर रहमान ने तुरंत लुका छुपी कंपोज कर दिया. दिवंगत प्लेबैक सिंगर लता मंगेशकर की आवाज में यह गाना अमर हो गया. रहमान ने कहा था कि वे लता जी के साथ डुएट करना चाहते थे, जो छह बार असफल रहा लेकिन यहां सफल हुआ था.
अन्य गानों की कहानी
निर्देशक मेहरा ने इस फिल्म के दूसरे गानों की भी कहानी पर बात की. उन्होंने बताया कि खून चला गाना साहिर लुधियानवी की कविता से प्रेरित था, जिसे रहमान ने गीत बना दिया. राकेश मेहरा कहते हैं उस दौरान ‘मस्ती की पाठशाला’ गाना तो युवा एंथम बन गया था. राकेश ने बताया कि संगीत बनाते समय वो और रहमान फिल्म, किरदारों और उद्देश्य पर लंबी चर्चा करते. वे साथ खाना खाते, ड्राइव पर जाते और संगीत पर बात करते. राकेश मेहरा ने बताया कि उन्होंने दो फिल्मों ‘रंग दे बसंती’ और ‘दिल्ली 6’ में ए आर रहमान के साथ काम किया है, और दोनों फ़िल्में सुपरहिट रहीं.