Alka Yagnik Romantic Song: ये सच है कि, रोमांटिक गानों (Romantic Songs) की अहमियत हमेशा से बहुत खास रही है. ये गाने सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने का सबसे खूबसूरत जरिया हैं. यही वजह है कि, इमोशंस को छूने वाले रोमांटिक गाने हमेशा से लोगों के दिल के करीब रहे हैं. रोमांस से लब-ओ-लुआब गाने 80–90 के दशक में खूब सुनने को मिले. उस दौर के गाने आज भी ताजगी भरे लगते हैं. सादगी, मिठास और भावनाओं से भरपूर ये गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं. उसी दौर में 7 मिनट 29 सेकंड के गाने में एक ऐसी धुन बजी, जिससे लोगों को दीवाना बना दिया. इस गाने न सिर्फ लोगों के दिलों को छुआ, बल्कि रोमांस की नई परिभाषा गढ़ दी. गायिका अलका याग्निक भी रातों-रात ऊंचाइयों पर पहुंच गईं. आइए जानते हैं उस फिल्म को, जिसका गाना बजते ही थिरकने लगते हैं लोगों के कदम. कौन थी वो गायिका और क्या था वो गाना?
अलका याग्निक की आवाज ने बनाई अलग पहचान
90 के दशक की आवाज की जादूगरनी अलका याग्निक आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. आज उनका जन्मदिन है. उन्होंने अपनी मेहनत और टैलेंट से लोगों के दिलों में अलग पहचान बनाई. बात करीब 35-40 साल पहले की है. उस समय इंडस्ट्री में कई दिग्गज सिंगर्स का दबदबा था, लेकिन अलका ने अपनी मीठी और साफ आवाज से लोगों का दिल जीत लिया.
अलका याग्निक को विरासत में मिला संगीत प्रेम
कोलकाता के एक संगीत प्रेमी परिवार में जन्मी अलका याग्निक को बचपन से ही गाने का माहौल मिला. बताते चलें कि, उनकी मां शुभा याग्निक क्लासिकल सिंगर थीं, जिन्होंने उन्हें शुरू से ही संगीत की बारीकियां सिखाईं. यही वजह रही कि अलका बहुत कम उम्र में ही सिंगिंग की दुनिया में कदम रख चुकी थीं. फिर एक गाने ने तो उन्हें सुपर से भी ऊपर लाकर रख दिया.
इस फिल्म के गाने ने रातों-रात बना दिया स्टार
अलका याग्निक ने महज 6 साल की उम्र में गाना शुरू कर दिया था. यानी, जिस उम्र में बच्चे खेलते कूदते हैं उस उम्र में अलका याग्निक आकाशवाणी पर अपनी आवाज का जादू बिखेर रही थीं. उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया, जब 1988 में आई फिल्म ‘तेजाब’ का गाना ‘एक दो तीन, चार पांच छह सात आठ नौ दस ग्यारह’ रिलीज हुआ. इस गाने ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया. हर जगह यही गाना बजने लगा और लोग उनकी आवाज के दीवाने हो गए.
‘तेजाब’ फिल्म के इस गाने की क्या थी खासियत
फिल्म तेजाब का गाना ‘एक दो तीन’ की खास बात ये थी कि इसमें जबरदस्त एनर्जी और मस्ती थी, जो लोगों को झूमने पर मजबूर कर देती थी. इस गाने को लक्ष्मीकांत–प्यारेलाल ने कंपोज किया था और जावेद अख्तर ने इसके बोल लिखे थे. इसे फिल्म में माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया था, जिनके डांस ने गाने को और भी यादगार बना दिया. सरोज खान की कोरियोग्राफी ने इस गाने को एक अलग पहचान दी. रिलीज के बाद ये गाना इतना पॉपुलर हुआ कि आज भी इसका क्रेज बरकरार है.
हर पार्टी की शान बनता है यह सुपरहिट गाना
आज भी ये गाना लाखों लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा है. हर पार्टी-फंक्शन में ये गाना सुनाई देता है. जैसे ही उसकी धुन लोगों के कानों तक पहुंची है खुद-ब-खुद उनके होंठ इसके बोल गुनगुनाने लगते हैं. आज भी इस गाने का जादू लोगों के बीच वैसा ही बना हुआ है. यूट्यूब पर इस गाने को करोड़ों बार देखा जा चुका है और नई पीढ़ी भी इसे उतना ही पसंद करती है. कई बार इस गाने के रीमेक भी बनाए गए, लेकिन लोग आज भी ओरिजिनल वर्जन को ही ज्यादा पसंद करते हैं. अलका याग्निक की आवाज की मिठास, जावेद अख्तर के आसान और मजेदार बोल और शानदार म्यूजिक इसे हमेशा के लिए खास बनाते हैं.