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Home > मनोरंजन > 9वीं फेल गायक का वर्ल्ड रिकॉर्ड, जब ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ ने बिना इंटरनेट के मचाया था तहलका

9वीं फेल गायक का वर्ल्ड रिकॉर्ड, जब ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ ने बिना इंटरनेट के मचाया था तहलका

यह कहानी संगीत की दुनिया की है, जिसने बिना किसी सोशल मीडिया के पूरे देश को झूमने पर मजबूर कर दिया था. आज से लगभग 28 साल पहले एक ऐसा गाना आया जिसने इतिहास रच दिया.

Written By: Mansi Sharma
Last Updated: 2026-01-18 15:06:43

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Superhit Album :आज के समय में किसी गाने की सफलता का अंदाजा यूट्यूब (YouTube) के व्यूज या इंस्टाग्राम (Instagram) की रील से लगाया जाता है. लेकिन आज से लगभग 28 साल पहले, 1996-97 में ऐसा कुछ भी नहीं था. उस दौर में अल्ताफ राजा नाम के एक गायक ने अपनी आवाज से पूरे देश को दीवाना बना दिया था. हैरान करने वाली बात यह है कि अल्ताफ राजा स्कूल में 9वीं क्लास में फेल हो गए थे, लेकिन अपनी गायकी के दम पर वह संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह बन गए थे.

उस जमाने में न तो गाने डाउनलोड करने की सुविधा थी और न ही इंटरनेट था. लोग गाने सुनने के लिए दुकानों से ऑडियो कैसेट (Cassettes) खरीदा करते थे. वीनस कंपनी के जरिए रिलीज हुए अल्ताफ राजा के एल्बम ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ ने उस दौर में इतिहास रच दिया था. इस अकेले एल्बम की 20 लाख से ज्यादा ओरिजिनल ऑडियो कैसेट बिकी थी, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड था. हर गली, मोहल्ले और शादी ब्याह में बस इसी गाने की गूंज सुनाई देती थी.

इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी थी. इसके बोल इतने आसान थे कि हर आम आदमी इसे आसानी से गुनगुना सकता था. अल्ताफ राजा का गाने का अंदाज भी बहुत अलग था. गाने के बीच में उनका शायरी बोलना लोगों के दिल को सीधे छू जाता था. यही वजह थी कि यह गाना बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी की जुबान पर चढ़ गया था. लोग इस गाने की कैसेट खरीदने के लिए दुकानों के बाहर लंबी लाइनें लगाते थे.

अल्ताफ राजा की यह सफलता हमें सिखाती है कि कामयाबी के लिए सिर्फ किताबी डिग्री ही काफी नहीं होती. जो इंसान पढ़ाई में पीछे रह गया था, उसने अपनी कला और मेहनत से वह मुकाम हासिल किया जो पढ़े लिखे लोग भी नहीं कर पाते. उनका यह गाना आज भी जब कहीं बजता है, तो लोगों को 90 के दशक की यादें ताजा हो जाती है. यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उस दौर के लोगों की एक खूबसूरत भावना बन चुका है.

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यह कहानी संगीत की दुनिया की है, जिसने बिना किसी सोशल मीडिया के पूरे देश को झूमने पर मजबूर कर दिया था. आज से लगभग 28 साल पहले एक ऐसा गाना आया जिसने इतिहास रच दिया.

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Superhit Album :आज के समय में किसी गाने की सफलता का अंदाजा यूट्यूब (YouTube) के व्यूज या इंस्टाग्राम (Instagram) की रील से लगाया जाता है. लेकिन आज से लगभग 28 साल पहले, 1996-97 में ऐसा कुछ भी नहीं था. उस दौर में अल्ताफ राजा नाम के एक गायक ने अपनी आवाज से पूरे देश को दीवाना बना दिया था. हैरान करने वाली बात यह है कि अल्ताफ राजा स्कूल में 9वीं क्लास में फेल हो गए थे, लेकिन अपनी गायकी के दम पर वह संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह बन गए थे.

उस जमाने में न तो गाने डाउनलोड करने की सुविधा थी और न ही इंटरनेट था. लोग गाने सुनने के लिए दुकानों से ऑडियो कैसेट (Cassettes) खरीदा करते थे. वीनस कंपनी के जरिए रिलीज हुए अल्ताफ राजा के एल्बम ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ ने उस दौर में इतिहास रच दिया था. इस अकेले एल्बम की 20 लाख से ज्यादा ओरिजिनल ऑडियो कैसेट बिकी थी, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड था. हर गली, मोहल्ले और शादी ब्याह में बस इसी गाने की गूंज सुनाई देती थी.

इस गाने की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी थी. इसके बोल इतने आसान थे कि हर आम आदमी इसे आसानी से गुनगुना सकता था. अल्ताफ राजा का गाने का अंदाज भी बहुत अलग था. गाने के बीच में उनका शायरी बोलना लोगों के दिल को सीधे छू जाता था. यही वजह थी कि यह गाना बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी की जुबान पर चढ़ गया था. लोग इस गाने की कैसेट खरीदने के लिए दुकानों के बाहर लंबी लाइनें लगाते थे.

अल्ताफ राजा की यह सफलता हमें सिखाती है कि कामयाबी के लिए सिर्फ किताबी डिग्री ही काफी नहीं होती. जो इंसान पढ़ाई में पीछे रह गया था, उसने अपनी कला और मेहनत से वह मुकाम हासिल किया जो पढ़े लिखे लोग भी नहीं कर पाते. उनका यह गाना आज भी जब कहीं बजता है, तो लोगों को 90 के दशक की यादें ताजा हो जाती है. यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उस दौर के लोगों की एक खूबसूरत भावना बन चुका है.

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