एआर रहमान के हालिया विवादास्पद बयान के बाद हनी त्रेहान ने भी एक ऐसा ही बयान दिया है. फिल्ममेकर और कास्टिंग डायरेक्टर हनी त्रेहान ने इंडस्ट्री में व्याप्त ‘सांप्रदायिक डर’ का चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि मेकर्स मुस्लिम सुपरस्टार को कास्ट तो करते हैं, लेकिन लीड रोल हिंदू हीरो को ही देते हैं.
‘रात अकेली है’ के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने कहा कि लीड रोल में मुस्लिम एक्टर्स को रोल नहीं मिल रहा है, जो फिल्म इंडस्ट्री बढ़ती हुई साम्प्रदायिकता की ओर संकेत करता है.
हनी त्रेहान का इंटरव्यू
हाल ही में हनी त्रेहान ने एक इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू में हनी ने 14 साल कास्टिंग डायरेक्टर, 10 साल प्रोड्यूसर और 5 साल डायरेक्टर के अनुभव साझा किए. उन्होंने दावा किया कि बॉलीवुड में भी साम्प्रदायिकता व्याप्त है और बड़े बजट वाली फिल्मों में डर का माहौल है. मुस्लिम एक्टर को सहायक भूमिका में रखा जाता है, जबकि लीड रोल हिंदू एक्टर को दिया जाता है. उन्होंने कहा कि ‘हैदर’ जैसी फिल्में बनना आज के समय में मुश्किल हैं.
‘पंजाब 95’ का विवाद
हनी की फिल्म ‘पंजाब 95’ डेढ़ साल से सेंसर बोर्ड में अटकी हुई है. यह 1995 के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा पर आधारित है. इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ मुख्य भूमिका में हैं. सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म में 127 कट्स के सुझाव दिये हैं. हनी का कहना है कि वो कट्स के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन राजनीतिक दबाव से असहमत हैं. उनका मानना है कि उनकी अभिव्यक्ति की सुरक्षा होनी चाहिये.
इंडस्ट्री पर प्रभाव
हनी ने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के मुद्दों से जुड़ी फिल्मों पर ही रोक लगाई जाती है. उन्होंने बताया कि पंजाब 95 की रिलीज को लेकर गया कि इससे पंजाब में क़ानून व्यवस्था बिगड़ सकती है. हनी ने कहा जब ‘कश्मीर फाइल्स,’ ‘द केरल स्टोरी’ और ‘इमरजेंसी’ जैसी सेंसिटिव मुद्दों पर बनी फिल्म रिलीज हुई तब तो ऐसा कुछ नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि मैं फ़िल्में बनाने आया हूं, किसी के पर्सनल एजेंडे को पूरा करने नहीं.
हनी ने नेटफ्लिक्स की ‘रात अकेली है’ और इसका सीक्वल ‘रात अकेली है: द बंसल मर्डर्स’ का जिक्र किया. उनका मानना है कि सेंसरशिप और डर से सच्ची कहानियां दब रही हैं.