Asha Bhosle Best Song: दिग्गज गायिका आशा भोसले इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही हैं. हाल ही में, कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आशा भोसले जी ने अपने पूरे करियर में संगीत जगत में हजारों गाने गाए हैं. हालांकि, 1971 की फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ का एक खास गाना इतिहास रच गया. आर.डी. बर्मन के संगीत और आशा ताई की आवाज का बेहतरीन तालमेल इतना जबरदस्त था कि यह गाना रातों-रात पूरे देश में मशहूर हो गया.
‘हरे रामा हरे कृष्णा’
एक तरफ जहां लता मंगेशकर अपने गानों से रिकॉर्ड बना रही थीं, वहीं दूसरी तरफ उनकी बहन, आशा भोसले, भी साथ-साथ अपने संगीत से लोगों का दिल जीत रही थीं. फिर भी, ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ गाने के साथ एक बड़ा विवाद भी जुड़ गया. फिल्म में जिस तरह से जीनत अमान को दिखाया गया था जिसमें हिप्पी संस्कृति और नशे की लत को दर्शाया गया था उससे उस दौर के दर्शक काफी नाराज हुए थे. गाने के बोल और जीनत अमान के बोल्ड और बिंदास अंदाज ने मिलकर एक जबरदस्त हंगामा खड़ा कर दिया था.
दम मारो दम
1971 में रिलीज हुई इस फिल्म में जीनत अमन ने अभिनय किया था, इस विशेष गीत में उन्होंने हिप्पी संस्कृति और पारंपरिक भारतीय संस्कृति का एक अनूठा मेल प्रस्तुत किया. इसके बाद इस पर काफी विवाद खड़ा हो गया. गाने “दम मारो दम” पर यह आरोप लगा कि यह चिलम और गांजा जो कि पारंपरिक धूम्रपान के भोग और भांग हैं के सेवन को बढ़ावा देता है, और साथ ही आम तौर पर नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देता है.
रेडियो प्रसारण और दूरदर्शन पर रोक
आलोचकों ने आगे यह भी आरोप लगाया कि इस गाने ने सांस्कृतिक मूल्यों में ग्लैमर की अत्यधिक मात्रा घोलकर उन्हें कमजोर करने की कोशिश की. यह विवाद इतना बढ़ गया कि बाद में इस गाने के रेडियो प्रसारण पर रोक लगा दी गई, और दूरदर्शन ने भी फिल्म के टेलीविजन प्रसारण के दौरान इसे शामिल न करने का फैसला किया. असल में, जब आखिरकार इस फिल्म का टेलीविजन पर प्रसारण हुआ, तो फिल्म में से इस खास गाने को सचमुच हटा दिया गया था.
आशा भोसले का एक और गाना बैन
संयोग से, आशा भोसले के एक और गाने पर भी बैन लग गया था. यह गाना 1971 की फिल्म ‘कारवां’ में आया था. इस गाने का टाइटल था “पिया तू अब तो आजा.” इस गाने में हेलेन नजर आई थीं. गाने में उनका अंदाज और डांस मूव्स इतने दिलकश थे कि दर्शकों ने तारीफ में सीटियां बजाईं. हालांकि, गाने के बोल काफी कामुक माने गए. इस गाने को मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा था, जो रिकॉर्डिंग के दौरान स्टूडियो में खुद मौजूद थे. आशा भोसले ने खुद बताया कि जब उन्होंने रिकॉर्डिंग के दौरान गाने के बोल सुने, तो उन्हें इतनी शर्म आई कि वे सचमुच स्टूडियो छोड़कर चले गए. यह गाना बाद में एक सुपरहिट बन गया और, दूसरे गाने की तरह, इसे भी आखिरकार बैन कर दिया गया.