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मशहूर गायिका आशा भोसले का निधन आज रविवार यानी 12 अप्रैल को मुंबई में हो गया. उनकी पोती ज़नाई भोसले ने इसकी पुष्टि की है. अब उनका अंतिम इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हो रहा है. यह पोस्ट काफी कुछ कहता है.
आखिरी पोस्ट वायरल
गोरिल्लाज़ बैंड के साथ मिलकर बनाई गई उनकी आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में आशा भोसले के जीवन सफर, आध्यात्मिकता और संगीत से उनके गहरे जुड़ाव की झलक मिलती है. इस पोस्ट में गोरिल्लाज़ के ट्रैक ‘द शैडोई लाइट’ पर उनके हालिया काम को दिखाया गया है.
वाराणसी और गंगा नदी की यात्रा का किया जिक्र
इस पोस्ट में आशा भोसले ने इस गीत को अपने लिए गहरा अर्थ रखने वाला बताया. उन्होंने वाराणसी की यात्रा और पवित्र गंगा नदी में नौकायन का जिक्र किया, जिससे उन्हें जीवन का उद्देश्य और पृथ्वी पर अपनी भूमिका समझने में मदद मिली.
जीवन को लेकर कही दिल की बात
गायिका ने बताया कि ‘द शैडोई लाइट’ उनके जीवन की यात्रा का प्रतीक है, जिसमें उनका जन्म, रिश्ते, संगीत के प्रति समर्पण और एक बेटी, मां, बहन, पत्नी और हिंदू भारतीय के रूप में उनके कर्तव्य शामिल हैं. गीत में नाविक संगीत का प्रतिनिधित्व करता है, जो उन्हें जीवन की नदी पार करके मोक्ष, यानी परम स्वतंत्रता की ओर ले जाता है.
गाने को लेकर काफी उत्सुक दिखीं
आशा भोसले ने कहा कि नदी के उस पार पहुंचने पर वह हमारे चारों ओर की असंख्य ध्वनियों में से एक बन जाएगी. जो एक सुंदर धुन का हिस्सा होगी, जिसे आने वाली पीढ़ियां सुनेंगी. उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ यही एकात्मता वह स्वतंत्रता है जो नदी के उस पार उनका इंतजार कर रही है.
इस सॉन्ग के बारे में
इस एल्बम ‘द शैडोई लाइट’ में अनुष्का शंकर, आशा पुतली, सरोद वादक अमान अली बंगश और अयान अली बंगश और बांसुरी वादक अजय प्रसन्ना सहित भारतीय संगीतकारों का एक विविध समूह एक साथ आया. फिर भी, ट्रैक 12, ‘द शैडोई लाइट’ में आशा भोसले की उपस्थिति ही इस परियोजना का अहम हिस्सा बन गया. उन्होंने अपने हिस्से की रिकॉर्डिंग दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर से की. सिंगर का वेल्श संगीतकार ग्रफ राइस ने गायन में साथ दिया, जबकि संगीत संयोजन में इलेक्ट्रॉनिक ध्वनियों को भारतीय वाद्ययंत्रों के साथ मिलाया गया, जिसमें विराज आचार्य द्वारा वादन की परतें जोड़ी गईं.
कब होगा अंतिम संस्कार?
सिंगर आशा भोसले का अंतिम संस्कार कल यानी 13 अप्रैल को शाम 4 बजे किया जाएगा.