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OTT पर ‘बैंडिट क्वीन’ के साथ छेड़छाड़: निर्देशक शेखर कपूर ने जताई नाराजगी

शेखर कपूर की Bandit Queen फूलन देवी के जीवन पर आधारित एक Controversial फिल्म है. यह Amazon Prime और MX Player पर उपलब्ध है. हाल ही में निर्देशक ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इसके Original Version के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. यह फिल्म अपनी सच्चाई और Boldness के लिए जानी जाती है.

Written By: Mansi Sharma
Last Updated: January 14, 2026 10:07:43 IST

OTT Platform : निर्देशक शेखर कपूर की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ (1994) भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और विवादास्पद फिल्मों में से एक रही है.  यह फिल्म फूलन देवी के जीवन पर आधारित है. यदि आप इस फिल्म को देखना चाहते है, तो इसकी उपलब्धता और इससे जुड़े हालिया विवाद के बारे में यहां पूरी जानकारी दी गई है. 90 के दशक की सबसे चर्चित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ एक बार फिर चर्चा में है. डाकू से नेता बनीं फूलन देवी के जीवन को पर्दे पर उतारने वाली यह फिल्म अपनी बोल्डनेस, हिंसा और सामाजिक सच्चाई को दिखाने के लिए जानी जाती है. 

किस OTT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है?
वर्तमान में ‘बैंडिट क्वीन’ मुख्य रूप से Amazon Prime Video पर उपलब्ध है. इसके अलावा, जो दर्शक इसे मुफ्त में देखना चाहते है, उनके लिए यह MX Player पर विज्ञापनों के साथ स्ट्रीम हो रही है. साथ ही, यह फिल्म YouTube पर ‘NH Studioz’ जैसे आधिकारिक चैनलों पर भी देखी जा सकती है.

शेखर कपूर की नाराजगी और नया विवाद
हाल ही में फिल्म के निर्देशक शेखर कपूर ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नाराजगी व्यक्त की है.  2025 में एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म (विशेषकर अमेज़न प्राइम) पर उपलब्ध फिल्म का वर्जन उनके मूल वर्जन से अलग है. शेखर कपूर का कहना है कि उनकी सहमति के बिना फिल्म के कई महत्वपूर्ण सीन्स को काट दिया गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ओटीटी प्लेटफॉर्म किसी निर्देशक की अनुमति के बिना उनकी कलाकृति के साथ छेड़छाड़ कर सकते है? उन्होंने यहां तक कहा कि ‘क्या किसी की हिम्मत होगी कि वह क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म को बिना पूछे एडिट कर दे?’

फिल्म क्यों रही विवादों में?

फिल्म में दिखाए गए बलात्कार के दृश्यों और गाली-गलौज के कारण सेंसर बोर्ड ने इस पर कड़ा रुख अपनाया था. खुद फूलन देवी ने शुरू में इस फिल्म का विरोध किया था और अपनी जीवनी के गलत चित्रण का आरोप लगाया था फिल्म में जातिगत भेदभाव और महिलाओं के प्रति क्रूरता को जिस तरह से दिखाया गया, उसने समाज के एक बड़े वर्ग को झकझोर दिया था. 

फिल्म के बारे में कुछ खास बातें
सीमा बिस्वास (फूलन देवी के किरदार में), निर्मल पांडे, मनोज बाजपेयी. इस फिल्म को हिंदी की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था. फिल्म का प्रभावशाली संगीत उस्ताद नुसरत फतेह अली खान ने दिया था. 

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