Ameesha Patel Cheque Bounce Case: राजपाल यादव के बाद एक्ट्रेस अमीषा पटेल कानूनी विवादों में घिर गई हैं. उन्हें बकाया पेमेंट और कमिटमेंट पूरा न कर पाने को लेकर कानूनी मामले का सामना करना पड़ रहा है. मुरादाबाद की एक कोर्ट की तरफ से गैर जमानती वॉरंट जारी किया गया है. इस मामले में अब अमीषा पटेल ने चुप्पी तोड़ी है. उन्हों ने बताया कि ये बहुत पुराना मामला है और इसको लेकर कोई विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि वो इस मामले में शामिल व्यक्ति के खिलाफ कानूनी एक्शन लेंगी.
अमीषा पटेल ने तोड़ी चुप्पी
अमीषा पटेल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए रिपोर्ट्स पर बात की और केस को एक पुराना, सुलझा हुआ मामला बताया. उन्होंने लिखा, ‘मीडिया रिपोर्ट्स में मुरादाबाद में पवन वर्मा नाम के एक व्यक्ति द्वारा कुछ केस दर्ज होने की बात कही गई है. मैं सभी को बताना चाहती हूं कि यह एक बहुत पुराना मामला है, जो कई साल पहले का है. इसमें उस पवन वर्मा ने एक सेटलमेंट डीड पर साइन किए थे और पूरी तय रकम ली थी. इसके बावजूद ऐसा लगता है कि उसने झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज किया है. मेरे वकील इस व्यक्ति के झूठ को सामने लाने के लिए उसके खिलाफ धोखाधड़ी की सही क्रिमिनल कार्रवाई शुरू कर रहे हैं, जबकि मैं अपने काम पर ध्यान देना पसंद करती हूं और उन लोगों को नज़रअंदाज़ करती हूं, जो झूठे बहानों पर ध्यान खींचने के लिए पब्लिक में तमाशा करना चाहते हैं.’

क्या है पूरा मामला?
बता दें कि ये डेवलपमेंट मुरादाबाद की एक कोर्ट द्वारा 2017 के एक शादी इवेंट बुकिंग से जुड़ी एक शिकायत पर ध्यान देने के बाद हुआ है. केस की जानकारी के मुताबिक इवेंट ऑर्गनाइजर पवन वर्मा ने आरोप लगाया कि अमीषा को 16 नवंबर 2017 को एक शादी में परफॉर्म करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किया गया था. इसके लिए अमीषा को 14.50 लाख रुपये का एडवांस पेमेंट किया गया था. कथित तौर पर मुरादाबाद में दिल्ली रोड पर एक होटल में उनके रहने का इंतजाम भी पूरा कर लिया गया था. इसके बाद एक्ट्रेस तय तारीख पर शहर नहीं आईं. इसमें आगे आरोप लगाया गया कि बाद में बातचीत के बाद थोड़ा रिफंड किया गया था.
10 लाख रुपए का हो चुका भुगतान
बताया गया कि 14.5 लाख रुपए में से 10 लाख रुपये कथित तौर पर कैश में वापस कर दिए गए लेकिन 4.50 लाख रुपये का चेक कथित तौर पर बाउंस हो गया. इससे ऑर्गनाइज़र को कानूनी मदद लेनी पड़ी. कहा जा रहा है कि शिकायत दर्ज होने के बाद कोर्ट ने अमीषा को पेश होने के लिए कई समन जारी किए. कार्रवाई के दौरान उनकी गैर-मौजूदगी के कारण कथित तौर पर उनकी मौजूदगी पक्की करने के लिए एक नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया है.
‘पहले ही हो चुका है सेटलमेंट’
हालांकि अमीषा की लीगल टीम का कहना है कि यह झगड़ा सालों पहले एक फॉर्मल सेटलमेंट के ज़रिए सुलझा लिया गया था, जिसमें तय रकम पूरी चुका दी गई थी. बचाव पक्ष ने नई कार्रवाई को एक बंद मामले को फिर से शुरू करने की कोशिश बताया है और संकेत दिया है कि आरोपों का मुकाबला करने के लिए सही कानूनी कदम उठाए जाएंगे. वहीं अब ये मामला कोर्ट में पहुंच गया है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे.