Live
Search
Home > मनोरंजन > पत्नी के आरोपों के बाद cancel हुए सिंगर के कई म्यूजिक शो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा ‘नहीं कर सकतीं ऐसा….’

पत्नी के आरोपों के बाद cancel हुए सिंगर के कई म्यूजिक शो, बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा ‘नहीं कर सकतीं ऐसा….’

कुमार सानू की पत्नी ने उन पर कई आरोप लगाए थे, जिसका मामला कोर्ट तक पहुंच गया. बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्लेबैक सिंगर कुमार सानू के पक्ष में फैसला सुनाया है.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: January 23, 2026 14:54:04 IST

Mobile Ads 1x1

पार्श्वगायक कुमार सानू को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी जीत मिली है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने गायक कुमार सानू को उनकी पूर्व पत्नी रीता भट्टाचार्य के खिलाफ 50 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे में बड़ी राहत दी है. 
कोर्ट ने रीता को कुमार सानू या उनके परिवार के खिलाफ कोई भी अपमानजनक बयान देने, इंटरव्यू देने या सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से सख्ती से रोक दिया है. 

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, कुमार सानू की पहली पत्नी रीता भट्टाचार्या ने एक ने एक इंटरव्यू में कहा था, कि जब मां बनने वाली थीं तब  उनके पति सानू ने उनका ढंग से ध्यान नहीं रखा था. उन्होंने गायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो उनके खाने और दवाइयों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखते थे. इस वजह से कुमार सानू की लीगल टीम ने रीता पर 50 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया. 
1986 में रीता और कुमार सानू का विवाह हुआ था, लेकिन सात साल बाद दोनों अलग हो गए थे. 2001 में उनका तलाक हो गया. उनके 2001 के तलाक समझौते में एक शर्त थी जिसके तहत दोनों पक्षों में से कोई भी दूसरे के खिलाफ प्रतिकूल आरोप नहीं लगा सकता था. सानू का आरोप है कि रीता ने इस समझौते का उल्लंघन किया है.
कुमार सानू ने आरोप लगाया कि रीता ने वायरल भयानी और फिल्म विंडो जैसे यूट्यूब चैनलों पर दिए इंटरव्यू में गर्भावस्था के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार, भोजन और चिकित्सा सुविधा न देने जैसे झूठे दावे किए. इन इंटरव्यू को 15 लाख से ज्यादा व्यूज मिले, जिससे सानू को विदेशी शोज कैंसल होने सहित भारी नुकसान हुआ. सानू के वकील सना रईस खान का कहना है कि इससे उनकी व्यक्तिगत और वित्तीय हानि हुई. हालांकि, कोर्ट ने मौजूदा इंटरव्यू हटाने की मांग पर अभी फैसला टाल दिया.

कोर्ट का सख्त फैसला

बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस मिलिंद जाधव की एकलपीठ ने यह अस्थायी आदेश जारी किया है. कोर्ट ने कहा कि रीता के पिछले इंटरव्यू निष्पक्ष टिप्पणी से आगे बढ़कर व्यक्तिगत हमले थे. जस्टिस जाधव ने टिप्पणी की, “इंटरव्यू में कुछ जगहों पर सानू के खिलाफ स्पष्ट व्यक्तिगत हमला है, जो इस्तेमाल किए गए शब्दों से साबित होता है.” कोर्ट ने रीता, उनके पक्षकारों और मीडिया हाउसों को किसी भी माध्यम से झूठे, अपमानजनक या मानहानिपूर्ण बयान फैलाने से रोका है. अगली सुनवाई 28 जनवरी को होगी. सानू की दिल्ली हाईकोर्ट से पहले भी पर्सनालिटी राइट्स की सुरक्षा मिल चुकी है. 

MORE NEWS

More News