Chhod Do Aanchal Zamana Kya Kahega Song Story: सिनेमाई दुनिया में जब भी कोई गाना बनाया जाता है, उसके पीछे कई दिलचस्प किस्से होते हैं. एक गाने के पीछे निर्देशक, म्यूजिक डायरेक्टर, गायिक-गायिका, गीतकार का बहुत बड़ा हाथ होता है. गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान भी सिंगर्स कई बार प्रयास करते हैं, फिर जाकर वह तैयार होता है. ऐसा ही एक किस्सा फिल्म ‘पेइंग गेस्ट’ के गाने ‘छोड़ दो आंचल, जमाना क्या कहेगा…’ का है. जब एस डी बर्मन को नहीं पसंद आई थी गायिका की आवाज, फिर भी बना वो ऐतिहासिक गाना. आखिर क्या हुआ था वैसा?
क्यों नाराज हो गए थे एसडी बर्मन?
सुबोध मुखर्जी अभिनीत फिल्म ‘पेइंग गेस्ट’ में मौजूद सदाबहार गाना ‘छोड़ दो आंचल..’ काफी पॉपुलर हुआ था. इस गाने को आशा भोसले और किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी थी. जब इस गाने की रिकॉर्डिंग शुरू हुई तो, संगीत निर्देशक एस डी बर्मन काफी नाराज हो गए. बताया जाता है कि एस डी बर्मन को आशा भोसले द्वारा रिकॉर्ड किया गया गाना पसंद नहीं आया था. वह चाहते थे कि इस गाने को दोबारा रिकॉर्ड किया जाए, लेकिन समय ना मिल पाने के कारण इसे नहीं रिकॉर्ड किया जा सका. और पुराने वर्जन को ही रिलीज कर दिया गया. फिर दर्शकों ने इसी गाने को इतना प्यार दिया है को वो ब्लॉकबस्टर बन गया.
क्या है फिल्म की कहानी?
हजरतगंज में रहने वाले वकील रमेश कुमार (देव आनंद) को किराया न चुकाने के कारण घर से निकाल दिया जाता है. वे एक नवाब के यहां रहने लगते हैं. फिर 20 साल से रह रहे दिगंबरनाथ को जबरन घर खाली कराने के बाद रमेश कुमार को भी वहां से निकाल दिया जाता है. बाद में रमेश को दिगंबरनाथ की बेटी शांति (नूतन) से प्यार हो जाता है. वे एक बूढ़े आदमी का वेश धारण करके खुद को मिर्जा बताते हैं और उनके यहां किराएदार बनकर रहने लगते हैं. वे शांति का दिल जीत लेते हैं, उसके पिता को भी अपने साथ रहने के लिए मना लेते हैं. फिर कहानी में एक मोड़ आता है, जब रमेश को किसी और की तरफ आकर्षित हो जाता है. फिर कहानी और दिलचस्प हो जाती है.