Story Behind a Cult Song: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारो की लिस्ट में एक्टर देव आनन्द और एक्ट्रेस जीनत अमान का नाम ना हो ऐ नहीं हो सकता हैं. 70 के दशक में इस जोड़ी थिएटर के पर्दों पर्दो पर खूब आग लगाई है. जब भी देव आनन्द और जीनत अमान किसी फिल्म में एक साथ आते थे, तो फइल्म रिलीज के समय सिनेमाघर खचाखच भर जाते हैं. 1971 में देव आनन्द और जीनत अमान की फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’, जिसने पूरा बॉक्स ऑफिस हिलाकर रख दिया था और ब्लॉकबस्टर बनी थी. कहानी के साथ-साथ इस फइल्म के गानों ने भी खूब धमाल मचाया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देव आनन्द और जीनत अमान की इस फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के गाने ‘दम मारो दम’ को लेकर खूब बवाल मचा था इस गाने को सरकार ने बैन कर दिया, लेकिन इसके पीछे की क्या वजह थी, आइये जानते हैं यहा.
इस वजह से सरकार ने बैन कर दिया था दम मारो दम गाना
देव आनन्द और जीनत अमान की फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के गाने ‘दम मारो दम’ को को लेकर जमकर कंट्रोवर्सी हुई थी. इस गाने को आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी और म्यूजिक आरडी बर्मन ने दिया था. एक इंटरव्यू में आरडी बर्मन ने और आनंद बख्शी ने बताया था कि तत्कालीन सरकार ने ‘दम मारो दम’ गाने पर बैन कर दिया था। इसकी वजह थी की सरकार को गाने में भगवान राम का नाम ‘दम’ से जोड़ने पर आपत्ति हुई थी. यही वजह थी की एआईआर और डीडी ने इस गाने को बैन कर दिया था। फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के गाने ‘दम मारो दम’ को लेकर भारत सरकार का कहना था कि इस गाने की वजह से देश में हिप्पी संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन मेकर्स द्वारा की गई बेहद जद्दोजहद के बाद फिल्म के साथ इस गाने को रिलीज किया गया था.
एस.डी. बर्मन ने ‘दम मारो दम’ गाने को कहा था ‘घिनौना’
आरडी बर्मन के पिता एस.डी. बर्मन ने भी ‘दम मारो दम’ गाने को ‘घिनौना’ बताया था, इतनी ही नहीं वो इस गाने की वजह से अपने बेटे से भी नराज हो गए थे. खगेश देव की किताब ‘S D Burman: The World of His Music’ में इस घटना का जिक्र हुआ है. एस.डी. बर्मन को अपने बेटे आर.डी. बर्मन के गाने ‘दम मारो दम’ का आधुनिक, हिप्पी संस्कृति और ड्रग्स को बढावा देना असहज लगा था, जिसकी वजह से वो नराज हुए थे. वो इसे अपने पारंपरिक संगीत मूल्यों के विपरीत मानते थे और इसी वजह से एस.डी. बर्मन को लगा कि यह गाना आपत्तिजनक और अप्रिय है.
फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ से बनी जीनत अमान सुपरस्टार
जीनत अमान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ उनके हाथों से कैसे निकलने वाली हैं. एक्ट्रेस ने बताया था कि ‘1970 का समय था और यह यमय मेर् लिए डाउन फॉल था. ओपी रल्हान मेरे बुरा फील कर रहे थे. इसलिए उन्होंने मुझे फिल्म एक छोटा सा पार्ट दिया था. जिसका थोड़ा तो असर दिखा. लेकिन मैं अपने पूरे परिवार के साथ मुंबई छोड़ने वाली थी और इसकी पैकिंग भी कर ली थी. लेकिन मुंबई छोड़ने से पहले मेरी मुलाकात वो देव आनंद और नवकेतन की टीम से हुई, उस समय वो हरे रामा हरे कृष्णा की कास्टिंग कर रहे थे. ओपी रल्हान ने ही उन्हें मेरा नाम सजेस्ट किया था. कुछ समय बाद उन्हें स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया था, जिसके बाद मुझे फिल्म में जसबीर या जैनिस के लिए कास्ट किया गया.