Live
Search
Home > मनोरंजन > हेमा मालिनी नहीं इस एक्ट्रेस के दीवाने थे धर्मेंद्र, मीलों चलकर रोजाना मीलों पैदल चलकर देखी थी फिल्म

हेमा मालिनी नहीं इस एक्ट्रेस के दीवाने थे धर्मेंद्र, मीलों चलकर रोजाना मीलों पैदल चलकर देखी थी फिल्म

आज सुपरस्टार धर्मेंद्र कुमार भले ही हमारे बीच नहीं हैं लेकिन वे आज भी लोगों के मन में जिंदा हैं. ये तो सभी जानते हैं कि धर्मेंद्र हेमा मालिनी के दीवाने थे लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अलावा वे एक और एक्ट्रेस के दीवाने थे.

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: March 11, 2026 16:42:51 IST

Mobile Ads 1x1

Dharmendra Suraiya Story: बॉलीवुड के सुपरस्टार धर्मेंद्र भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में और उनकी बहुत सी बातें आज भी लोगों के जहन में हैं. उनकी जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा हमेशा लोगों के जहन में रहने वाला है. एक दौर था जब एक एक्ट्रेस की एक्टिंग धर्मेंद्र को बहुत पसंद आई थी कि वे लगातार 40 दिनों तक रोज मीलों चलकर उनकी फिल्म देखने जाया करते थे. इसके बाद उन्होंने भी फिल्मी दुनिया में अपना करियर बनाने का सपना देखा. इसके बाद उन्होंने मेहनत और संघर्ष से मुंबई में बड़ा नाम कमाया.

बॉलीवुड में धर्मेंद्र को धरम पाजी के नाम से भी जाना जाता है. वे अपनी एक्टिंग, आवाज और स्मार्ट लुक के कारण चर्चा में रहते थे. उनकी एक्टिंग के दीवानों की लिस्ट काफी लंबी है. उनके फैंस में बच्चों से लेकर बड़े और बूढ़े भी शामिल हैं. कहा जाता है कि उनके पिता एक हेडमास्टर थे और उनकी मां हाउसवाइफ थीं. 

फिल्म में काम करने का सपना

धर्मेंद्र जब फगवाड़ा कॉलेज में पढ़ रहे थे तब वे बस में बैठकर अकसर फिल्म देखने जाते थे. कई बार जब बस नहीं मिलती थी, तो वो पैदल चलकर सुरैया की फिल्म देखने पहुंच जाते. उन्होंने एक्ट्रेस सुरैया के कारण फिल्म दिल्लगी 40 बार देखी थी. इसके बाद उन्होंने तय किया कि वे भी एक्टर बनेंगे. 

भूखे पेट बिताए दिन

धर्मेंद्र जब कॉलेज में थे, तो उन्हें अचानक एक दिन पता चला कि फिल्म फेयर मैगजीन एक्टर्स के तौर पर नए चेहरों की तलाश में है. इसके बाद उन्होंने टैलेंट हंट के लिए अपना नाम भी भेज दिया. उन्होंने न सिर्फ इसमें हिस्सा लिया बल्कि वे विजेता भी बने. इसके बाद वे मुंबई गए, जहां उनकी राह मुश्किल थी. शुरुआत में उन्हें काम मिलने में बहुत मुश्किल हुई और वे स्टूडियोज के लगातार चक्कर काटते रहे. उससे भी ज्यादा मुश्किल था मुंबई में बिना पैसों के गुजारा करना. उन्होंने कई दिन भूख में ही काटे.

1960 से बदली जिंदगी

इसके बाद उन्हें साल 1960 में अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे में काम मिला. उनकी पहली हिट फिल्म फूल और पत्थर थी. इसके बाद धर्मेंद्र दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करने लगे. वे खुद तो एक्टर बने ही साथ ही उनके बेटे भी एक्टर बने. वर्तमान समय में बेटे और बेटियां ही नहीं उनके पोते भी एक्टर्स हैं.

MORE NEWS

Home > मनोरंजन > हेमा मालिनी नहीं इस एक्ट्रेस के दीवाने थे धर्मेंद्र, मीलों चलकर रोजाना मीलों पैदल चलकर देखी थी फिल्म

Written By: Deepika Pandey
Last Updated: March 11, 2026 16:42:51 IST

Mobile Ads 1x1

Dharmendra Suraiya Story: बॉलीवुड के सुपरस्टार धर्मेंद्र भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्में और उनकी बहुत सी बातें आज भी लोगों के जहन में हैं. उनकी जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा हमेशा लोगों के जहन में रहने वाला है. एक दौर था जब एक एक्ट्रेस की एक्टिंग धर्मेंद्र को बहुत पसंद आई थी कि वे लगातार 40 दिनों तक रोज मीलों चलकर उनकी फिल्म देखने जाया करते थे. इसके बाद उन्होंने भी फिल्मी दुनिया में अपना करियर बनाने का सपना देखा. इसके बाद उन्होंने मेहनत और संघर्ष से मुंबई में बड़ा नाम कमाया.

बॉलीवुड में धर्मेंद्र को धरम पाजी के नाम से भी जाना जाता है. वे अपनी एक्टिंग, आवाज और स्मार्ट लुक के कारण चर्चा में रहते थे. उनकी एक्टिंग के दीवानों की लिस्ट काफी लंबी है. उनके फैंस में बच्चों से लेकर बड़े और बूढ़े भी शामिल हैं. कहा जाता है कि उनके पिता एक हेडमास्टर थे और उनकी मां हाउसवाइफ थीं. 

फिल्म में काम करने का सपना

धर्मेंद्र जब फगवाड़ा कॉलेज में पढ़ रहे थे तब वे बस में बैठकर अकसर फिल्म देखने जाते थे. कई बार जब बस नहीं मिलती थी, तो वो पैदल चलकर सुरैया की फिल्म देखने पहुंच जाते. उन्होंने एक्ट्रेस सुरैया के कारण फिल्म दिल्लगी 40 बार देखी थी. इसके बाद उन्होंने तय किया कि वे भी एक्टर बनेंगे. 

भूखे पेट बिताए दिन

धर्मेंद्र जब कॉलेज में थे, तो उन्हें अचानक एक दिन पता चला कि फिल्म फेयर मैगजीन एक्टर्स के तौर पर नए चेहरों की तलाश में है. इसके बाद उन्होंने टैलेंट हंट के लिए अपना नाम भी भेज दिया. उन्होंने न सिर्फ इसमें हिस्सा लिया बल्कि वे विजेता भी बने. इसके बाद वे मुंबई गए, जहां उनकी राह मुश्किल थी. शुरुआत में उन्हें काम मिलने में बहुत मुश्किल हुई और वे स्टूडियोज के लगातार चक्कर काटते रहे. उससे भी ज्यादा मुश्किल था मुंबई में बिना पैसों के गुजारा करना. उन्होंने कई दिन भूख में ही काटे.

1960 से बदली जिंदगी

इसके बाद उन्हें साल 1960 में अर्जुन हिंगोरानी की फिल्म दिल भी तेरा हम भी तेरे में काम मिला. उनकी पहली हिट फिल्म फूल और पत्थर थी. इसके बाद धर्मेंद्र दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करने लगे. वे खुद तो एक्टर बने ही साथ ही उनके बेटे भी एक्टर बने. वर्तमान समय में बेटे और बेटियां ही नहीं उनके पोते भी एक्टर्स हैं.

MORE NEWS