Live
Search
Home > मनोरंजन > Dhurandhar 2 Review: फैंस के दिल और दिमाग पर छाया धुरंधर 2 का सुरूर, फिल्म ने खोले कई दफन राज

Dhurandhar 2 Review: फैंस के दिल और दिमाग पर छाया धुरंधर 2 का सुरूर, फिल्म ने खोले कई दफन राज

Dhurandhar 2 Review: धुरंधर 2 में भी रील और असलियत के बीच की लकीर धुंधली होती रहती है. पहली फिल्म की तरह ही इसे भी हल्के-फुल्के अंदाज़ में देखने का मज़ा आता है. इस दिलचस्प सोच का आनंद लेते हुए क्या होगा अगर यह सच में सही हो? आखिरकार हमें 'बड़े साहब' की असली पहचान पता चलती है और उनका परिचय एक ऐसा सिनेमैटिक हाईलाइट है जो किसी न किसी तरह से वायरल ज़रूर होगा.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: 2026-03-19 07:46:13

Mobile Ads 1x1

Dhurandhar 2 Review: धुरंधर का सुरूर लोगों के सिर पर चढ़कर बोल रहा था. पहली फिल्म का माहौल अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हुई थी कि रणवीर की फिल्म धुरंधर 2 ने सिनेमाघरों में धूम मचा दी. पिछली बार भारत में किसी फिल्म की रिलीज पर त्योहार जैसा माहौल तीन साल पहले देखने को मिला था, जब शाहरुख खान पठान के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे थे. 2026 में हम धुरंधर 2 के साथ कुछ ऐसा ही देख रहे हैं, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं. अगर धुरंधर ने आपके अंदर जोश भर दिया था, तो धुरंधर 2 अपनी दोगुनी तीव्रता, एक्शन और हिंसा के साथ आपके होश उड़ा देगी. आदित्य धर द्वारा निर्देशित, इस फ़्रैंचाइज़ी की दूसरी कड़ी धुरंधर 2 अब सिनेमाघरों में आ चुकी है.

जसकीरत का हमजा अली मजारी रोल

बिल्कुल पहले ही फ़्रेम से फिल्म यह साफ कर देती है कि इस बार कहानी का मुख्य केंद्र जसकीरत सिंह रंगी है. अब हमें समझ आता है कि मूवी का नाम धुरंधर: द रिवेंज क्यों रखा गया है. मूवी में यह साल 2002 है और जसकीरत के लिए यह मामला बेहद निजी है. पठानकोट का रहने वाला 21 साल का नौजवान जसकीरत, जो भारतीय सेना में तीसरी पीढ़ी का अफसर बनने की ट्रेनिंग ले रहा था. वह जमीन के एक छोटे से विवाद को लेकर अपने पिता की हत्या और बहनों के साथ गैंगरेप होने के बाद पूरी तरह से बेकाबू हो जाता है. उसे मौत की सजा सुनाई जाती है लेकिन आर. माधवन का किरदार अजय सान्याल अपने भरोसेमंद साथी सुशांत बंसल के साथ मिलकर उसे ‘ऑपरेशन धुरंधर’ के हिस्से के तौर पर भर्ती करने के लिए अगवा कर लेता है. कुछ बातचीत के बाद जसकीरत यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेता है और सालों बाद वह हमज़ा अली मजारी के रूप में सामने आता है.

सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाला सीन

जहां वह अपने परिवार के साथ प्यार और नरमी से पेश आते हैं, वहीं उन आतंकवादियों के प्रति वह पूरी तरह बेरहम हो जाते हैं, जिन्हें खत्म करने की उन्होंने कसम खाई है. एक अहम सीन में रणवीर सिंह हमजा के रूप में पागलों की तरह हंसते हैं. जंजीरों में जकड़े हुए और घायल, अपने लंबे-बिखरे बालों के साथ वह अपने करियर की सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाली परफॉर्मेंस देते हैं. धुरंधर 2 उन सभी सवालों के जवाब भी देती है जो हर धुरंधर फैन के मन में घूम रहे थे. इनमें से ज्यादातर सवालों के जवाब एक शानदार अंजाम तक पहुंचते हैं. हालांकि, पहली किस्त के उलट यह फिल्म किसी जबरदस्त क्लाइमेक्स के साथ खत्म नहीं होती. यह एक कमी है जो साफ तौर पर महसूस होती है.

बड़े साहब कौन हैं?

धुरंधर 2 में भी रील और असलियत के बीच की लकीर धुंधली होती रहती है. पहली फिल्म की तरह ही इसे भी हल्के-फुल्के अंदाज़ में देखने का मज़ा आता है. इस दिलचस्प सोच का आनंद लेते हुए क्या होगा अगर यह सच में सही हो? आखिरकार हमें ‘बड़े साहब’ की असली पहचान पता चलती है और उनका परिचय एक ऐसा सिनेमैटिक हाईलाइट है जो किसी न किसी तरह से वायरल ज़रूर होगा. आतंकवादी फंडिंग और नकली करेंसी रैकेट के अलावा जिन्हें आतिफ़ अहमद (एक ऐसा किरदार जो UP के गैंगस्टर अतीक़ अहमद पर आधारित है) के ज़रिए चलाया जाता है और नेपाल के रास्ते याकूब अंसारी तक पहुंचाया जाता है. धुरंधर 2 पंजाब में फैले ड्रग्स संकट और भारत के अंदर मौजूद खालिस्तान समर्थक ताकतों पर भी टिप्पणी करती है. इन ताकतों पर आरोप है कि वे देश को अंदर से अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान के साथ साठगांठ कर रही हैं.

नोटबंदी के पीछे का असली राज

आदित्य धर ने इस फिल्म के साथ सचमुच कमाल कर दिखाया है. धुरंधर 2 में वह शायद अब तक का सबसे बड़ा राज खोलते हैं. भारत की नोटबंदी नीति के पीछे का असली मकसद बताते हैं. धर ने भारतीय इतिहास की कई अहम घटनाओं को इतनी सहजता और स्पष्टता के साथ पेश किया है कि यह सचमुच हैरान करने वाला है. इन ऐतिहासिक घटनाओं के पीछे छिपी कहानियों के बारे में उनकी गहरी समझ को देखकर कोई भी हैरान हुए बिना नहीं रह सकता. संक्षेप में कहें तो, उनका शोध पूरी तरह से एक अलग ही स्तर पर काम करता है.

जांच का एक ऐसा स्तर, जो अपने आप में ही कई सवाल खड़े करता है. कुछ जगहों पर धुरंधर 2 एक फ़ीचर फिल्म के बजाय एक डॉक्यूमेंट्री जैसी ज़्यादा लगने लगती है. एक कहानी वाली फिल्म के माध्यम से आदित्य धर ने भारत के समकालीन इतिहास से जुड़े जरूरी सवालों के सीधे और स्पष्ट जवाब दिए हैं. बस धुरंधर 2 देखिए और आप भी ज्ञान के एक सच्चे धुरंधर एक असली माहिर बनकर उभरेंगे. लोगों को फिल्म काफी पसंद आ रही है.

फैंस और सोशल रिस्पॉन्स

फिल्म को फैंस ने काफी पसंद किया है. एक फैंस कोमल ने कहा कि मुंबई के PVR जुहू में ‘धुरंधर: द रिवेंज’ देखी. आदित्य धर ने पहले भाग ‘धुरंधर’ का जादू फिर से दोहरा दिया है. यह एक और ब्लॉकबस्टर है जो इंडस्ट्री में धूम मचा देगी और सैकड़ों करोड़ रुपये कमाएगी! Jio, धर, रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, शाश्वत सचदेव और पूरी टीम को सलाम!. वहीं, दूसरे ने कहा कि पैसा वसूल फिल्म है जिसनें सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.

वहीं, तीसरे फैन ने कहा कि यह समाज के लिहाज से बिलकुल भी ठीक नही है. इसमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा, खून खराबा को दर्शाया गया है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. लोग कई तरह के सोशल रिएक्शन दे रहे हैं. लोगों ने सामाजिक दृष्टि से फिल्म को हिंसा वाला बताते हुए नकारा. जबकि, मनोरंजन के लिहाज से फैंस फिल्म से बहुत खुश हैं. 

MORE NEWS

Home > मनोरंजन > Dhurandhar 2 Review: फैंस के दिल और दिमाग पर छाया धुरंधर 2 का सुरूर, फिल्म ने खोले कई दफन राज

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: 2026-03-19 07:46:13

Mobile Ads 1x1

Dhurandhar 2 Review: धुरंधर का सुरूर लोगों के सिर पर चढ़कर बोल रहा था. पहली फिल्म का माहौल अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हुई थी कि रणवीर की फिल्म धुरंधर 2 ने सिनेमाघरों में धूम मचा दी. पिछली बार भारत में किसी फिल्म की रिलीज पर त्योहार जैसा माहौल तीन साल पहले देखने को मिला था, जब शाहरुख खान पठान के साथ बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे थे. 2026 में हम धुरंधर 2 के साथ कुछ ऐसा ही देख रहे हैं, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं. अगर धुरंधर ने आपके अंदर जोश भर दिया था, तो धुरंधर 2 अपनी दोगुनी तीव्रता, एक्शन और हिंसा के साथ आपके होश उड़ा देगी. आदित्य धर द्वारा निर्देशित, इस फ़्रैंचाइज़ी की दूसरी कड़ी धुरंधर 2 अब सिनेमाघरों में आ चुकी है.

जसकीरत का हमजा अली मजारी रोल

बिल्कुल पहले ही फ़्रेम से फिल्म यह साफ कर देती है कि इस बार कहानी का मुख्य केंद्र जसकीरत सिंह रंगी है. अब हमें समझ आता है कि मूवी का नाम धुरंधर: द रिवेंज क्यों रखा गया है. मूवी में यह साल 2002 है और जसकीरत के लिए यह मामला बेहद निजी है. पठानकोट का रहने वाला 21 साल का नौजवान जसकीरत, जो भारतीय सेना में तीसरी पीढ़ी का अफसर बनने की ट्रेनिंग ले रहा था. वह जमीन के एक छोटे से विवाद को लेकर अपने पिता की हत्या और बहनों के साथ गैंगरेप होने के बाद पूरी तरह से बेकाबू हो जाता है. उसे मौत की सजा सुनाई जाती है लेकिन आर. माधवन का किरदार अजय सान्याल अपने भरोसेमंद साथी सुशांत बंसल के साथ मिलकर उसे ‘ऑपरेशन धुरंधर’ के हिस्से के तौर पर भर्ती करने के लिए अगवा कर लेता है. कुछ बातचीत के बाद जसकीरत यह प्रस्ताव स्वीकार कर लेता है और सालों बाद वह हमज़ा अली मजारी के रूप में सामने आता है.

सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाला सीन

जहां वह अपने परिवार के साथ प्यार और नरमी से पेश आते हैं, वहीं उन आतंकवादियों के प्रति वह पूरी तरह बेरहम हो जाते हैं, जिन्हें खत्म करने की उन्होंने कसम खाई है. एक अहम सीन में रणवीर सिंह हमजा के रूप में पागलों की तरह हंसते हैं. जंजीरों में जकड़े हुए और घायल, अपने लंबे-बिखरे बालों के साथ वह अपने करियर की सबसे रोंगटे खड़े कर देने वाली परफॉर्मेंस देते हैं. धुरंधर 2 उन सभी सवालों के जवाब भी देती है जो हर धुरंधर फैन के मन में घूम रहे थे. इनमें से ज्यादातर सवालों के जवाब एक शानदार अंजाम तक पहुंचते हैं. हालांकि, पहली किस्त के उलट यह फिल्म किसी जबरदस्त क्लाइमेक्स के साथ खत्म नहीं होती. यह एक कमी है जो साफ तौर पर महसूस होती है.

बड़े साहब कौन हैं?

धुरंधर 2 में भी रील और असलियत के बीच की लकीर धुंधली होती रहती है. पहली फिल्म की तरह ही इसे भी हल्के-फुल्के अंदाज़ में देखने का मज़ा आता है. इस दिलचस्प सोच का आनंद लेते हुए क्या होगा अगर यह सच में सही हो? आखिरकार हमें ‘बड़े साहब’ की असली पहचान पता चलती है और उनका परिचय एक ऐसा सिनेमैटिक हाईलाइट है जो किसी न किसी तरह से वायरल ज़रूर होगा. आतंकवादी फंडिंग और नकली करेंसी रैकेट के अलावा जिन्हें आतिफ़ अहमद (एक ऐसा किरदार जो UP के गैंगस्टर अतीक़ अहमद पर आधारित है) के ज़रिए चलाया जाता है और नेपाल के रास्ते याकूब अंसारी तक पहुंचाया जाता है. धुरंधर 2 पंजाब में फैले ड्रग्स संकट और भारत के अंदर मौजूद खालिस्तान समर्थक ताकतों पर भी टिप्पणी करती है. इन ताकतों पर आरोप है कि वे देश को अंदर से अस्थिर करने के लिए पाकिस्तान के साथ साठगांठ कर रही हैं.

नोटबंदी के पीछे का असली राज

आदित्य धर ने इस फिल्म के साथ सचमुच कमाल कर दिखाया है. धुरंधर 2 में वह शायद अब तक का सबसे बड़ा राज खोलते हैं. भारत की नोटबंदी नीति के पीछे का असली मकसद बताते हैं. धर ने भारतीय इतिहास की कई अहम घटनाओं को इतनी सहजता और स्पष्टता के साथ पेश किया है कि यह सचमुच हैरान करने वाला है. इन ऐतिहासिक घटनाओं के पीछे छिपी कहानियों के बारे में उनकी गहरी समझ को देखकर कोई भी हैरान हुए बिना नहीं रह सकता. संक्षेप में कहें तो, उनका शोध पूरी तरह से एक अलग ही स्तर पर काम करता है.

जांच का एक ऐसा स्तर, जो अपने आप में ही कई सवाल खड़े करता है. कुछ जगहों पर धुरंधर 2 एक फ़ीचर फिल्म के बजाय एक डॉक्यूमेंट्री जैसी ज़्यादा लगने लगती है. एक कहानी वाली फिल्म के माध्यम से आदित्य धर ने भारत के समकालीन इतिहास से जुड़े जरूरी सवालों के सीधे और स्पष्ट जवाब दिए हैं. बस धुरंधर 2 देखिए और आप भी ज्ञान के एक सच्चे धुरंधर एक असली माहिर बनकर उभरेंगे. लोगों को फिल्म काफी पसंद आ रही है.

फैंस और सोशल रिस्पॉन्स

फिल्म को फैंस ने काफी पसंद किया है. एक फैंस कोमल ने कहा कि मुंबई के PVR जुहू में ‘धुरंधर: द रिवेंज’ देखी. आदित्य धर ने पहले भाग ‘धुरंधर’ का जादू फिर से दोहरा दिया है. यह एक और ब्लॉकबस्टर है जो इंडस्ट्री में धूम मचा देगी और सैकड़ों करोड़ रुपये कमाएगी! Jio, धर, रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, शाश्वत सचदेव और पूरी टीम को सलाम!. वहीं, दूसरे ने कहा कि पैसा वसूल फिल्म है जिसनें सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.

वहीं, तीसरे फैन ने कहा कि यह समाज के लिहाज से बिलकुल भी ठीक नही है. इसमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा, खून खराबा को दर्शाया गया है जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. लोग कई तरह के सोशल रिएक्शन दे रहे हैं. लोगों ने सामाजिक दृष्टि से फिल्म को हिंसा वाला बताते हुए नकारा. जबकि, मनोरंजन के लिहाज से फैंस फिल्म से बहुत खुश हैं. 

MORE NEWS