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Home > मनोरंजन > रहमान डकैत का रोल ठुकराने वाले अब पछता रहे हैं! फोन मिलाकर कर रहे अफसोस, मुकेश छाबड़ा ने खोला बड़ा राज

रहमान डकैत का रोल ठुकराने वाले अब पछता रहे हैं! फोन मिलाकर कर रहे अफसोस, मुकेश छाबड़ा ने खोला बड़ा राज

Mukesh Chhabra: धुरंधर 2 की सफलता के बाद मुकेश छाबड़ा ने खोले कास्टिंग के गहरे राज. क्यों अक्षय खन्ना ने उन्हें पागल कहा और क्यों इंस्टाग्राम पर टैलेंट नहीं ढूंढते? पढ़ें पूरी कहानी.

Written By: Shivani Singh
Last Updated: 2026-03-25 22:08:11

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Dhurandhar 2 Casting: मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा इन दिनों अपनी फिल्म धुरंधर 2: द रिवेंजकी जबरदस्त सफलता का आनंद ले रहे हैं. 20 साल के लंबे सफर और 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करने के बाद मुकेश इसे अपने करियर का सबसे अहम पड़ाव मानते हैं. ‘हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ से बातचीत में उन्होंने फिल्म की सफलता और बॉलीवुड में आए बदलावों पर दिल खोलकर बात की. 

पुराने ढर्रे को छोड़ नए तरीके से कास्टिंग

मुकेश ने अपना सफर साल 2006 में ‘रंग दे बसंती’ फिल्म से शुरू किया था. वे याद करते हैं कि पहले बॉलीवुड में कास्टिंग का तरीका बहुत सीमित था. उनके मुताबिक, ‘पहले हर फिल्म में वही गिने-चुने चेहरे नजर आते थे वही विलेन, वही मां-बहन और वही ड्राइवर लेकिन आज दर्शकों को हर फिल्म में नए और प्रतिभाशाली चेहरे देखने को मिलते हैं.’ आज वक्त बदल चुका है. अब बॉलीवुड का हर बड़ा डायरेक्टर, चाहे वह कितनी ही बड़ी कमर्शियल फिल्म क्यों न बना रहा हो, एक पेशेवर कास्टिंग डायरेक्टर की मदद जरूर लेता है.

‘इंस्टाग्राम से नहीं मिलता असली टैलेंट’

आजकल जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को फिल्मों में लेने की होड़ मची है वहीं मुकेश छाबड़ा की सोच एकदम अलग है. उन्होंने साफ कहा, ‘मैं डेटा जरूर रखता हूं लेकिन किसी भी फिल्म पर काम तभी शुरू करता हूं जब स्क्रिप्ट मेरे हाथ में होती है. मैं पर्सनली इंस्टाग्राम के जरिए टैलेंट नहीं खोजता. उनके लिए आज भी ऑडिशन और जमीन से जुड़े कलाकारों को ढूंढना ही सबसे कारगर तरीका है.’

‘रहमान डकैत’ के रोल के लिए कई रिजेक्शन मिले

आदित्य धर के निर्देशन और रणवीर सिंह के अभिनय वाली ‘धुरंधर 2’ की कास्टिंग आसान नहीं थी. मुकेश बताते हैं कि रहमान डकैत जैसे विलेन के किरदार के लिए कई बड़े कलाकारों से बात की गई लेकिन कइयों ने मना कर दिया क्योंकि वे कई सितारों वाली फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म हिट होने के बाद, मना करने वाले कई एक्टर्स ने अफसोस जताते हुए मुकेश को फोन किया.

अक्षय खन्ना और आर माधवन की एंट्री

फिल्म में अक्षय खन्ना को लेना एक बड़ी जीत थी. मुकेश बताते हैं, ‘अक्षय का नाम सबसे आखिर में आया. जब मैंने उन्हें फोन किया तो उन्होंने पहले तो मुझे पागल कहा लेकिन स्क्रिप्ट सुनने के बाद वे तुरंत तैयार हो गए.’ वहीं आर माधवन के बारे में उन्होंने बताया कि माधवन ने सिर्फ 10-12 दिनों का समय मांगा और तुरंत हां कर दी. मुकेश के अनुसार, ‘माधवन ने अपने किरदार में एक गजब का ठहराव और अधिकार दिखाया है.’ 

‘एक्टिंग से ज्यादा जरूरी है सही चेहरा’

मुकेश छाबड़ा का अपना एक अलग सिद्धांत है. वे कहते हैं, ‘मैं एक्टिंग के बारे में नहीं बल्कि किरदार की सही कास्टिंग के बारे में सोचता हूं. अगर कोई औसत एक्टर भी मेरे किरदार के लिए बिल्कुल सही बैठता है तो मैं उसी के साथ जाना पसंद करता हूं.’

‘धुरंधर 2’ के लिए उनकी टीम ने दो साल तक मेहनत की और लगभग 300 लोगों का ऑडिशन लेकर पूरी फिल्म की कास्टिंग तैयार की. इसी मेहनत का नतीजा सारा अर्जुन जैसी नई प्रतिभा के रूप में सामने आया जिनके ऑडिशन ने मुकेश को हैरान कर दिया था.

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Written By: Shivani Singh
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Dhurandhar 2 Casting: मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा इन दिनों अपनी फिल्म धुरंधर 2: द रिवेंजकी जबरदस्त सफलता का आनंद ले रहे हैं. 20 साल के लंबे सफर और 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करने के बाद मुकेश इसे अपने करियर का सबसे अहम पड़ाव मानते हैं. ‘हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ से बातचीत में उन्होंने फिल्म की सफलता और बॉलीवुड में आए बदलावों पर दिल खोलकर बात की. 

पुराने ढर्रे को छोड़ नए तरीके से कास्टिंग

मुकेश ने अपना सफर साल 2006 में ‘रंग दे बसंती’ फिल्म से शुरू किया था. वे याद करते हैं कि पहले बॉलीवुड में कास्टिंग का तरीका बहुत सीमित था. उनके मुताबिक, ‘पहले हर फिल्म में वही गिने-चुने चेहरे नजर आते थे वही विलेन, वही मां-बहन और वही ड्राइवर लेकिन आज दर्शकों को हर फिल्म में नए और प्रतिभाशाली चेहरे देखने को मिलते हैं.’ आज वक्त बदल चुका है. अब बॉलीवुड का हर बड़ा डायरेक्टर, चाहे वह कितनी ही बड़ी कमर्शियल फिल्म क्यों न बना रहा हो, एक पेशेवर कास्टिंग डायरेक्टर की मदद जरूर लेता है.

‘इंस्टाग्राम से नहीं मिलता असली टैलेंट’

आजकल जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को फिल्मों में लेने की होड़ मची है वहीं मुकेश छाबड़ा की सोच एकदम अलग है. उन्होंने साफ कहा, ‘मैं डेटा जरूर रखता हूं लेकिन किसी भी फिल्म पर काम तभी शुरू करता हूं जब स्क्रिप्ट मेरे हाथ में होती है. मैं पर्सनली इंस्टाग्राम के जरिए टैलेंट नहीं खोजता. उनके लिए आज भी ऑडिशन और जमीन से जुड़े कलाकारों को ढूंढना ही सबसे कारगर तरीका है.’

‘रहमान डकैत’ के रोल के लिए कई रिजेक्शन मिले

आदित्य धर के निर्देशन और रणवीर सिंह के अभिनय वाली ‘धुरंधर 2’ की कास्टिंग आसान नहीं थी. मुकेश बताते हैं कि रहमान डकैत जैसे विलेन के किरदार के लिए कई बड़े कलाकारों से बात की गई लेकिन कइयों ने मना कर दिया क्योंकि वे कई सितारों वाली फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे. दिलचस्प बात यह है कि फिल्म हिट होने के बाद, मना करने वाले कई एक्टर्स ने अफसोस जताते हुए मुकेश को फोन किया.

अक्षय खन्ना और आर माधवन की एंट्री

फिल्म में अक्षय खन्ना को लेना एक बड़ी जीत थी. मुकेश बताते हैं, ‘अक्षय का नाम सबसे आखिर में आया. जब मैंने उन्हें फोन किया तो उन्होंने पहले तो मुझे पागल कहा लेकिन स्क्रिप्ट सुनने के बाद वे तुरंत तैयार हो गए.’ वहीं आर माधवन के बारे में उन्होंने बताया कि माधवन ने सिर्फ 10-12 दिनों का समय मांगा और तुरंत हां कर दी. मुकेश के अनुसार, ‘माधवन ने अपने किरदार में एक गजब का ठहराव और अधिकार दिखाया है.’ 

‘एक्टिंग से ज्यादा जरूरी है सही चेहरा’

मुकेश छाबड़ा का अपना एक अलग सिद्धांत है. वे कहते हैं, ‘मैं एक्टिंग के बारे में नहीं बल्कि किरदार की सही कास्टिंग के बारे में सोचता हूं. अगर कोई औसत एक्टर भी मेरे किरदार के लिए बिल्कुल सही बैठता है तो मैं उसी के साथ जाना पसंद करता हूं.’

‘धुरंधर 2’ के लिए उनकी टीम ने दो साल तक मेहनत की और लगभग 300 लोगों का ऑडिशन लेकर पूरी फिल्म की कास्टिंग तैयार की. इसी मेहनत का नतीजा सारा अर्जुन जैसी नई प्रतिभा के रूप में सामने आया जिनके ऑडिशन ने मुकेश को हैरान कर दिया था.

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