Indian Films Restricted in Middle East: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2‘ इन दिनों सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त चर्चा में है. हालांकि यह फिल्म किसी भी खाड़ी देश में रिलीज नहीं हो पाई है. खबरों की मानें तो मेकर्स ने वहां रिलीज की काफी कोशिश की थी लेकिन इसके राजनीतिक कंटेंट को लेकर पैदा हुई चिंताओं की वजह से फिल्म को क्लीयरेंस नहीं मिल सका और रिलीज नहीं की जा सकी. वैसे ‘धुरंधर’ या ‘धुरंधर 2’ अकेली ऐसी भारतीय फिल्म नहीं है जिसे पाबंदी का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले भी कई बड़ी फिल्मों को खाड़ी देशों में प्रतिबंधित किया गया है. आइए उन फिल्मों पर एक नजर डालते हैं:
1. टाइगर 3

सलमान खान और कैटरीना कैफ स्टारर इस मशहूर स्पाई फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म ‘टाइगर 3’ में जबरदस्त एक्शन और स्टंट्स देखने को मिले थे। फिल्म में टाइगर एक बड़े आतंकी साजिश को रोकने के लिए यूरोप और एशिया के मिशन पर निकलता है. भारत में तो यह सुपरहिट रही लेकिन ओमान, कुवैत और कतर जैसे देशों ने इसे रिलीज करने से मना कर दिया. इसका कारण फिल्म में इस्लामिक देशों का नकारात्मक चित्रण बताया गया.
2. काथल – द कोर
जियो बेबी के निर्देशन में बनी यह फिल्म रिश्तों की एक गहरी और संजीदा कहानी है जिसमें ममूटी और ज्योतिका मुख्य भूमिकाओं में हैं. यह फिल्म प्यार, धोखे और समाज के छिपे हुए राज उजागर करती है. कतर, कुवैत और सऊदी अरब में इस फिल्म पर रोक लगा दी गई थी क्योंकि इसमें समलैंगिकता जैसे विषय को दिखाया गया था.
3. फाइटर

ऋतिक रोशन स्टारर ‘फाइटर’ एक हाई-वोल्टेज एक्शन फिल्म है जिसमें वह एक फाइटर पायलट के किरदार में नजर आए हैं. सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बनी इस फिल्म के हवाई एक्शन सीन काफी चर्चा में रहे. हालांकि फिल्म के प्रो-मिलिट्री नैरेटिव और सीमा पार संघर्ष के फिल्मांकन की वजह से कई खाड़ी देशों में इसे बैन कर दिया गया.
4. गैंग्स ऑफ वासेपुर

अनुराग कश्यप की यह कल्ट क्लासिक फिल्म झारखंड और बिहार के कोयला माफिया और गैंगवार की कच्ची हकीकत बयां करती है. अपने बेबाक डायलॉग्स और यथार्थवादी हिंसा के लिए मशहूर यह फिल्म कई खाड़ी देशों के सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच सकी. वहां के सेंसर बोर्ड का मानना था कि यह फिल्म मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है.
5. आर्टिकल 370

यामी गौतम की मुख्य भूमिका वाली यह पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के घटनाक्रम और उसके प्रभावों पर आधारित है. फिल्म में वास्तविक घटनाओं के साथ-साथ आम नागरिकों की कहानियों को भी पिरोया गया है. इस फिल्म को भी सभी खाड़ी देशों में ब्लॉक कर दिया गया था.
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है. फिल्मों के प्रतिबंध के पीछे के कारण संबंधित देशों की सेंसरशिप नीतियों के अधीन हैं.’