इन दिनों हर तरफ सिर्फ धुरंधर: द रिवेंज के ही चर्चे हैं. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC ने इस फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट दिया है. रणवीर सिंह स्टारर यह फिल्म एक्शन दृश्यों से भरपूर है, जिसमें हिंसक दृश्यों के कारण कई कट भी लगाए गए हैं.
इन सबके अलावा फिल्म के रनटाइम में भी बदलाव हुआ है. धुरंधर: द रिवेंज 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, जिसके टिकट की एडवांस बुकिंग ने कई रिकॉर्ड्स तोड़ दिए हैं.
‘A’ सर्टिफिकेट क्यों?
CBFC ने ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ को ‘A’ (एडल्ट्स ओनली) रेटिंग इसलिए दी क्योंकि फिल्म में तीव्र एक्शन, खौफनाक हिंसा और मैच्योर थीम्स हैं. ट्रेलर से ही इसका अंदाजा हो गया था, लेकिन सेंसर बोर्ड ने कई संवेदनशील सीन काटे हैं ताकि दर्शकों को अधिक परेशानी न हो. फिल्म में कुल 21 एडिट्स और बदलाव किए गए, जिनमें गालियों को म्यूट करना और कुछ शब्दों को बदलना शामिल हैं. बोर्ड ने ‘लाहौर’ जैसे शब्द हटाने या बदलने को कहा और प्रधानमंत्री के संदर्भ वाली न्यूज फुटेज के लिए आधिकारिक अनुमति मांगी. इसके अलावा, विचलित करने वाले कंटेंट और ड्रग्स के इस्तेमाल पर डिस्क्लेमर भी जोड़े गए हैं.
रनटाइम में हुई कटौती
मूल रूप से यह फिल्म काफी लंबी थी, लेकिन CBFC के निर्देशों पर 1 मिनट 34 सेकंड का कंटेंट हटाया गया. अब फिल्म का भारत में रनटाइम 3 घंटे 49 मिनट 6 सेकंड (229.6 मिनट) है, जो इसके पहले भाग ‘धुरंधर’ (3 घंटे 34 मिनट) से बस 15 मिनट ज्यादा है. कुछ रिपोर्ट्स में 3 घंटे 50 मिनट या 3 घंटे 52 मिनट का जिक्र है, लेकिन आधिकारिक CBFC डिटेल्स के अनुसार यह फिल्म की लंबाई लगभग 3:49 है. हालांकि फिल्म का अंतरराष्ट्रीय वर्जन थोड़ा लंबा हो सकता है. गौरतलब है कि यह हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में शुमार है.
हिंसक दृश्यों पर चली कैंची
फिल्म के टाइटल से साफ है कि यह हिंसा-प्रधान फिल्म है. सीबीएफसी ने फिल्म से बीहेडिंग (सिर काटना), सीमेंट ब्लॉक अटैक और आंख फोड़ने जैसे ग्राफिक सीन ट्रिम किए हैं. फिल्म के 6 मिनट के हिंसक हिस्से काटे गए हैं, जिनमें आंखों पर हमला और क्रूर मारधाड़ शामिल थे. जानवरों वाले सीन के लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड का सर्टिफिकेट जमा किया गया है. ये कट्स फिल्म को थिएटर्स में रिलीज योग्य बनाने के लिए जरूरी थे.