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राजस्थान हाई कोर्ट का जमानत देने से इनकार
मामला मुख्य रूप से एक व्यावसायिक लेन-देन
Supreme Court: फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने 30 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के आरोप में जमानत दे दी है. यह मामला इंदिरा आईवीएफ के संस्थापक अजय मुर्डिया की दिवंगत पत्नी पर बनने वाली बायोपिक को लेकर हुए विवाद से जुड़ा हुआ है. दंपति को दिसंबर महिने में मुंबई में गिरफ्तारी के बाद राजस्थान के पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और बाद में जोधपुर केंद्रीय जेल में रखा गया था. गौरतलब है कि श्वेतांबरी भट्ट को इससे एक हफ्ते पहले ही सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिल गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रद्द कर दिया.
राजस्थान हाई कोर्ट का जमानत देने से इनकार
राजस्थान उच्च न्यायालय विक्रम भट्ट मामले में, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने गुरुवार को राजस्थान के हाई कोर्ट मामले के विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट को जमानत देने से इनकार करने के फैसले को रद्द कर दिया. दोनों को नियमित जमानत देते हुए, पीठ ने आशा व्यक्त की कि दोनों पक्ष मध्यस्थता कर के विवाद को सुलझाने के लिए ईमानदारी से कोशिश करेंगे.
मामला मुख्य रूप से एक व्यावसायिक लेन-देन
न्यायाधीशों ने कहा कि मामला मुख्य रूप से एक व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ा है और पक्षों को भुगतान संबंधी समस्याओं के सही समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता केंद्र के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया. हमें ऐसा लगता है कि यह विवाद मूल रूप से एक वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है, हालांकि एफआईआर में धोखाधड़ी आदि के अपराध करने के सभी तत्व स्पष्ट रूप से उल्लिखित किया जा चुका है.
क्या है मामला?
फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और पत्नी जुड़ा यह मामला मुर्डिया द्वारा दर्ज की गई एक शिकायत से आया है. इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने उन्हें अपनी दिवंगत पत्नी की जीवनी पर आधारित फिल्म के लिए 30 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने के लिए प्रेरित किया था, और अच्छे इनकम का वादा भी किया था, जो कभी पूरा नहीं हुआ.