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मशहूर सिंगर श्रेया घोषाल ने मनोरंजन जगत में एक बड़ा स्टैंड लिया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि भविष्य में वे ‘चिकनी चमेली’ जैसे गानों को रिकॉर्ड नहीं करेंगी. श्रेया ने इसके पीछे महिलाओं के सम्मान और गानों के बोल को मुख्य वजह बताया है.
महिलाओं को ‘वस्तु’ समझने वाले गानों से परहेज
एक पॉडकास्ट के दौरान श्रेया ने बताया कि ‘चिकनी चमेली’ की सफलता के बाद उनके पास इसी तरह के कई गानों के ऑफर आए थे. लेकिन उन्होंने उन्हें गाने से मना कर दिया क्योंकि उन गानों के बोल काफी असहज करने वाले थे. श्रेया ने कहा कि गानों में महिलाओं को एक ‘वस्तु’ (Objectification) की तरह पेश किया जाता था, जिसे गाना उन्हें सही नहीं लगा.
पुराने गानों पर अब होती है शर्मिंदगी
श्रेया ने स्वीकार किया कि जब उन्होंने ‘चिकनी चमेली’ गाया था, तब वह इतनी परिपक्व (Mature) नहीं थीं कि शब्दों के गहरे मतलब को समझ सकें. उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि जब 5-6 साल की छोटी बच्चियां इन गानों पर नाचती है या उनके पास आकर ये गाना सुनाती है, तो उन्हें बहुत बुरा और शर्मिंदा महसूस होता है क्योंकि उन बच्चों को उन शब्दों का असली मतलब भी नहीं पता होता.
काम के प्रति पेशेवर पर भविष्य के लिए सतर्क
सिंगर ने स्पष्ट किया कि उन्हें अपने पुराने गानों से कोई नफरत नहीं है और वे आज भी कॉन्सर्ट्स में इन्हें गाती है क्योंकि यह उनका काम है. हालांकि, अब अनुभव और उम्र के साथ उन्होंने यह तय किया है कि वे ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बनेंगी जिसमें महिलाओं का सम्मान कम होता हो या जिसके बोल अभद्र हों.
सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ
श्रेया के इस फैसले की सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है. लोग उनकी ईमानदारी और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी की सराहना कर रहे है. श्रेया का मानना है कि एक कलाकार के तौर पर यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे क्या परोस रही है, खासकर तब जब बच्चे उन्हें अपना रोल मॉडल मानते है.