Nusrat Fateh Ali Khan Dhadkan Song: बहुत से लोगों ने अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी और सुनील शेट्टी की फिल्म धड़कन तो देखी ही होगी. शिल्पा और अक्षय की शादी के समय बजने वाला गाना भी सुना होगा. इस गाने को सुनकर आज भी लोगों की आंखों में आंसू आ जाते हैं. ये गाना ‘दूल्हे का सहरा सुहाना लगता है, दूल्हन का तो दिल दिवाना लगता है’ है. इस गाने को आज भी काफी पसंद किया जाता है. आज भी ये गाना शादियों में चार चांद लगा देता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये गाना सिंगर नुसरत फतेह अली खान ने गाया. वो इस गाने को गाते हुए बार-बार रो रहे थे.
कौन सा है गाना?
आपको पता ही होगा कि सिंगर नुसरत फतेह अली खान ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में बहुत कम गाने गाए हैं. लेकिन उन्होंने जो गाया, वो अमर हो गया. उनका एक गाना सबसे ज्यादा वायरल हुआ. ये गाना साल 2000 में रिलीज हुई अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और शिल्पा शेट्टी की हिट फिल्म ‘धड़कन’ का गाना है. इस गाने के बोल ‘दूल्हे का सेहरा सुहाना’ है. इस गाने के बोल दिग्गज लिरिसिस्ट समीर ने लिखे थे. वहीं उस दौर की फेमस जोड़ी नदीम-श्रवण ने इसका म्यूजिक दिया. इस गाने का किस्सा बहुत रोचक और इंटरेस्टिंग है.
समीर अनजान ने बताई कहानी
दरअसल 2025 में बॉलीवुड के फेमस गीतकार समीर अनजान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि नुसरत फतेह अली खान ने इस फिल्म में केवल एक ही गाना गाया था. इस गाने को गाते समय नुसरत फतेह अली खान लगभग डेढ़ घंटे तक रोए थे. वे गाते हुए एक ही लाइन पर अटक जाते और रोने लगते. समीर ने बताया कि जब उन्होंने ये गाना लिखा, तो पूरे दिल के साथ इस गाने को लिखा. इस गाने की एक लाइन नुसरत फतेह अली खान ने लगभग डेढ़ घंटे और बार-बार गाया. जैसे ही वो लाइन आती, नुसरत साहब रोने लगते.
नुसरत फतेह अली खान को आ गया था बुखार
नुसरत फतेह अली खान वो गाना गाते-गाते रोते रहे और उन्हें बुखार तक आ गया था. हमने उनसे कहा भी कि अब आप आराम कर लीजिए, हम इस गाने को कल करते हैं. इस गाने को गाते समय उन्होंने 150 से ज्यादा टेक लिए थे. इस पर नुसरत साहब ने जवाब दिया कि ये गाना मैं आज ही गा सकता हूं. इसके बाद मैं इसे पूरा नहीं कर पाऊंगा. इसके बाद उन्होंने उस लाइन को पूरा करके ही आराम किया. उन्होंने आगे बताया कि जब वे थिएटर में फिल्म देखने गए, तो देखा कि दर्शक भी उसी लाइन पर रोने लगते थे.
वो लाइन थीं ‘मैं तेरी बाहों के झूले में पली बाबुल.’ यही वो लाइन थी, जिस पर नुसरत फतेह अली खान भी रोने लगते थे. उनका कहना था कि जब वे इस गाने को गाते थे, तो उन्हें उनकी बेटियों की याद आने लगती थी. ये गाना नुसरत साब का सबसे पसंदीदा गाना था. आज भी जब वो गाना बजता है, तो लोगों की आंखें नम हो जाती हैं.