Durga Khote Interesting Facts: जिस दौर में सिनेमा में महिलाओं या लड़कियों का काम करना अच्छा नहीं माना जाता था. उस समय दुर्गा खोटे ने सभी परंपराओं और गलत मानसिकता को पीछे छोड़ फिल्मों में अभिनय किया. एक्ट्रेस बहुत ही अमीर खानदान से ताल्लुक रखती थीं. एक्ट्रेस को फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ में जोधा बाई के रूप में यादगार किरदार निभाने के लिए जाना जाता है. दुर्गा खोटे ने अपने जीवन में कई साहसी काम किए थे. एक किस्सा बेहद प्रचलित है, जब वह अपने क्रू मेंबर्स की जान बचाने के लिए चीते से भिड़ गईं.
जब चीते से लड़ गईं दुर्गा खोटे
दुर्गा खोटे फिल्म ‘माया मच्छिंद्र’ की शूटिंग कोल्हापुर में कर रही थीं. उस दौरान वहां कुछ चीतों को शूट के लिए सेट पर लाया गया था. उनके साथ उन चीतों का ट्रेनर भी था, लेकिन तभी अचानक एक चीते ने एक क्रू मेंबर पर हमला कर दिया. उस आदमी को बचाने के लिए अभिनेत्री ने अपनी जान की परवाह नहीं की और उस चीते से भिड़ गईं. हालांकि, थोड़ी देर बाद ट्रेनर ने उस चीते को शांत कराया और एक्ट्रेस भी बाल-बाल बच गई थीं और कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई.
जब बेटे के कत्ल के लिए सौंपी तलवार
फिल्म मुगल-ए-आजम में दुर्गा खोटे ने जोधाबाई का किरदार निभाया था. इस फिल्म का उनका एक सीन काफी ज्यादा हिट हुआ था, जिसमें वह शहंशाह अकबर को तलवार देते हुए कहती हैं, ‘आपने सुहाग की लाली मेरे माथे से मिटो तो दी, लेकिन इसे अब आपको मेरे बेटे सलीम के खून से ये लाली लगानी होगी. सुहाग की कीमत अगर औलाद का खून है तो लीजिए यह तलवार और बड़े ही खुशी से अपनी औलाद का कत्ल कर दीजिए. मैं उफ्फ तक नहीं करूंगी. उन्होंने इस फिल्म में अपने बेटे के कत्ल के लिए पति को अपने हाथों से तलवार सौंपी थी. ये किरदार उनका काफी चर्चा में रहा था.
अंग्रेजी सुन मेकर्स हुए हैरान
दुर्गा खोटे की बहन को एक रोल ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने अभिनेत्री को यह किरदार करने के लिए कहा. जब एक्ट्रेस फिल्म की शूटिंग के लिए गईं, तो निर्माता उनकी फर्राटेदार अंग्रेजी सुन हैरान हो गए. उस दौर में कोई भी लड़की इतनी पढ़ी-लिखी नहीं होती थी. यह घटना सिर्फ मेकर्स ही नहीं, बल्कि जिसने भी सुनी वो चौंक गए।