Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों का सामना कर रही है. फिल्म के टाइटल को लेकर चारों तरफ विरोध हो रहा है. खासकर ब्राह्मण समुदाय सबसे ज्यादा नाराज है. अब फिल्म निर्देशक नीरज पांडे ने फिल्म से जुड़ी सभी प्रचार-सामग्री को सभी प्लेटफॉर्म से हटाने की घोषणा की है. जानिए पूरी खबर.
क्या बोले नीरज पांडे?
नीरज पांडे ने अपनी फिल्म पर इंस्टाग्राम हैंडल पर एक नोट जारी किया है. उन्होंने कहा, ‘हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग केवल एक काल्पनिक किरदार के बोलचाल के नाम के रूप में किया गया है. हम समझते हैं कि फिल्म के शीर्षक से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है, और हम उनकी भावनाओं को समझते हैं. इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, हमने फिलहाल सभी प्रचार सामग्री हटाने का फैसला किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए और हमारी कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि आंशिक झलक के आधार पर उसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए.’
दिल्ली उच्च न्यायालय में दी गई थी याचिका
दिल्ली उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर कर नेटफ्लिक्स फिल्म ‘घुसखोर पंडित’ की रिलीज और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग की गई. महेंद्र चतुर्वेदी द्वारा अधिवक्ता विनीत जिंदल के माध्यम से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का शीर्षक और प्रस्तावित विषयवस्तु मानहानिकारक और सांप्रदायिक रूप से आपत्तिजनक हैं. याचिका में तर्क दिया गया है कि ‘पंडित’ शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़ना ब्राह्मण समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है.
Director Neeraj Pandey issues official statement on his film ‘Ghooskhor Pandat’, says, “Our film is a fictional cop drama, and the term “Pandat” is used simply as a colloquial name for a fictional character… We understand that the title of the film has caused hurt to some… pic.twitter.com/LKCucpceWt
— ANI (@ANI) February 6, 2026