Dhurandhar: पाकिस्तान के कराची कोर्ट में शुक्रवार, 12 दिसंबर को बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ के खिलाफ एक पिटीशन फाइल की गई. इसमें आरोप है कि फिल्म में बिना इजाजत के पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के झंडे और पार्टी की रैलियों के फुटेज का गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल किया गया है.
पिटीशन में FIR दर्ज करने की मांग
फिल्म पर यह भी आरोप है कि इसमें PPP को आतंकवाद का समर्थन करने वाली पार्टी के तौर पर दिखाया गया है. यह पिटीशन PPP वर्कर मोहम्मद आमिर ने कराची के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट (साउथ) में फाइल की है. पिटीशन में फिल्म के डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, एक्टर और फिल्म के प्रमोशन और प्रोडक्शन में शामिल दूसरे लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है.
पिटीशन में लीड एक्टर रणवीर सिंह के साथ-साथ दूसरे एक्टर संजय दत्त, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन और राकेश बेनी, डायरेक्टर आदित्य धर और प्रोड्यूसर लोकेश धर और ज्योति किशोर देशपांडे के नाम हैं.
पिटीशन में क्या कहा गया है?
पिटीशनर के मुताबिक, फिल्म के ऑफिशियल ट्रेलर में बिना किसी लीगल परमिशन के बेनजीर भुट्टो की तस्वीरें और PPP से जुड़े सीन दिखाए गए हैं. पिटीशन में यह भी कहा गया है कि फिल्म में PPP को आतंकवादियों से हमदर्दी रखने वाली पार्टी के तौर पर दिखाया गया है. इसमें कराची के ल्यारी इलाके को “आतंकवादियों के लिए वॉर ज़ोन” भी बताया गया है, जो पिटीशनर के मुताबिक, बदनाम करने वाला, गुमराह करने वाला और पाकिस्तान की इमेज को नुकसान पहुंचाने वाला है.
पिटीशनर ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
मोहम्मद आमिर ने कहा कि फिल्म PPP, उसके नेताओं और सपोर्टर्स के खिलाफ नफरत, बेइज्जती और भड़काने वाली है. उन्होंने पाकिस्तान पीनल कोड के सेक्शन 499, 500, 502, 504, 505, 153-A और 109 का हवाला दिया है. ये सेक्शन बदनामी, क्रिमिनल धमकी, दंगे भड़काने और अलग-अलग ग्रुप्स के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से जुड़े हैं.पिटीशनर ने कहा कि उसने पहले दरख्शां पुलिस स्टेशन के SHO के पास लिखित शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने न तो केस दर्ज किया और न ही कोई लीगल एक्शन लिया. इसलिए उसे कोर्ट जाना पड़ा.
गल्फ देशों में नहीं रिलीज़ हुई धुरंधर
धुरंधर न सिर्फ इंडिया में बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी अच्छा परफॉर्म कर रही है. हालांकि, फिल्म को कई मिडिल ईस्ट देशों में बैन कर दिया गया है. धुरंधर को बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE में रिलीज़ की परमिशन नहीं मिली. बताया जा रहा है कि इन देशों में फिल्म को “एंटी-पाकिस्तान” माना गया. इसलिए, गल्फ देशों में सेंसर अधिकारियों ने फिल्म के कंटेंट को अप्रूव नहीं किया.