Michael Patrick Demise: पॉपुलर सीरीज “गेम ऑफ थ्रोन्स” में एक छोटी भूमिका के लिए मशहूर हुए आयरिश अभिनेता और नाटककार माइकल पैट्रिक का 8 अप्रैल 2026 को निधन हो गया. वे 35 साल के थे और पिछले तीन साल से मोटर न्यूरॉन डिजीज (MND) नामक लाइलाज बीमारी से जूझ रहे थे.
उनकी पत्नी नाओमी शीहान ने सोशल मीडिया के जरिए इस दुखद खबर की पुष्टि की, जिसमें उन्होंने बताया कि माइकल का निधन उत्तरी आयरलैंड के एक हॉस्पिटल में हुआ, जहां वे अंतिम दिनों में उपचार और सहायता के तहत रह रहे थे.
गेम ऑफ थ्रोंस ने दी नई पहचान
माइकल पैट्रिक ने “गेम ऑफ थ्रोन्स” के सीजन 6 के एक एपिसोड में वाइल्डलिंग का किरदार निभाया था, जिससे वे इंटरनेशनल लेवल पर ज्यादा जाने जाने लगे थे. लेकिन उनकी असली पहचान न केवल अभिनेता बल्कि एक ताकतवर नाटककार और लेखक के रूप में थी. 1 फरवरी 2023 को उन्हें अपनी बीमारी MND के बारे में पता चला, जिसके बाद उन्होंने अपने इस दर्दनाक सफ़र को एक नाटक “माय राइट फुट” के जरिए दुनिया के सामने रखा, जिसमें वे उसी बीमारी के अनुभव और अपने पिता की इस बीमारी से हुई मृत्यु के दर्द को बहुत ईमानदारी से दिखाते हैं. उनकी पत्नी नाओमी ने लिखा, “मिक को 10 दिन पहले हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी देखभाल एक शानदार टीम ने की. उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों के बीच शांति से अंतिम सांस ली. हमारे दिल टूट गए हैं, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.”
क्या है मोटर न्यूरॉन डिजीज (MND)?
मोटर न्यूरॉन डिजीज (MND) ऐसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी है जो दिमाग और रीढ़ की हड्डी की उन नसों को खत्म कर देती है, जो मांसपेशियों की गति को नियंत्रित करती हैं. इसके कारण धीरे‑धीरे व्यक्ति की चलने, बोलने, निगलने और अंततः सांस लेने की क्षमता घटती जाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, माइकल निदान के कुछ समय बाद ही व्हीलचेयर पर आ गए थे और आखिर तक बीमारी के साथ जीने की उम्मीद और आत्मबल से जुड़े रहे. उन्होंने ऑपरेशन और लंबे समय तक चलने वाले जटिल इलाज के बजाय गुणवत्तापूर्ण जीवन और शांतिपूर्ण मृत्यु को चुनने का फैसला भी किया, जिसका ज़िक्र उनकी पत्नी ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में भी किया.
शोक संदेशों की आई बाढ़
उनके निधन से हॉलीवुड और थिएटर दुनिया में शोक की लहर दौड़ गयी है. हॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री और थिएटर जगत के लोग सोशल मीडिया पर पैट्रिक को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. लोगों ने उनकी कल्चरल उपलब्धियों, बीमारी के बावजूद निरंतर काम करने और इस बीमारी को लेकर जागरूकता फैलाने के उनके संघर्ष की तारीफ की है.