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आजकल के युवा (Gen-Z) सगाई की अंगूठियों के पुराने रिवाजों को बदल रहे है. अब सगाई का मतलब सिर्फ एक साधारण हीरे की अंगूठी नहीं रह गया है. आज के युवा ऐसी अंगूठी चाहते है जो उनकी अपनी पसंद और अलग पहचान (Style Statement) को दिखाए.
सादगी छोड़िए, अब ‘बड़े और हटके’ डिजाइन का जमाना है
आजकल की पीढ़ी को ऐसी अंगूठियां पसंद आ रही है जो दूर से ही चमकें और सबसे अलग दिखें. पहले पतली और छोटी अंगूठियों का फैशन था, लेकिन अब बड़े पत्थर (Supersized Gems) और मोटे बैंड (Chunky Bands) का ट्रेंड है. अब लोग गोल हीरे के बजाय अंडाकार (Oval) या नाशपाती (Pear) के आकार वाले यूनिक डिजाइन ज्यादा पसंद कर रहे है.
सफेद हीरे पुराने हुए, अब रंगों का जादू चल रहा है
सिर्फ सफेद हीरे पहनना अब बोरिंग माना जाने लगा है. अब युवा नीलम (Sapphire), पन्ना (Emerald) और माणिक (Ruby) जैसे रंगीन पत्थरों की अंगूठियां चुन रहे है. कई लोग तो अपनी राशि या अपने पसंदीदा रंग के पत्थर लगवा रहे है. साथ ही, पुराने जमाने की नक्काशी वाले ‘विंटेज’ डिजाइन भी फिर से फैशन में लौट आए है.
एक अंगूठी नहीं, अब ‘रिंग स्टैकिंग’ का है क्रेज
अब उंगली में सिर्फ एक सगाई की अंगूठी पहनना काफी नहीं है. Gen-Z को ‘रिंग स्टैकिंग’ बहुत पसंद है, जिसमें एक ही उंगली में एक के ऊपर एक कई अलग-अलग डिजाइन की अंगूठियां पहनी जाती है. इसमें ‘लैब-ग्रोन’ हीरे (लैब में बने हीरे) उनकी मदद कर रहे है. ये हीरे दिखने में असली जैसे होते है लेकिन सस्ते होते है, जिससे कम पैसों में बड़ी और शानदार अंगूठी मिल जाती है.
अपनी पसंद और पर्यावरण का ख्याल
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह यह है कि आज के युवा किसी की नकल नहीं करना चाहते. वे ऐसी अंगूठी चाहते है जो सिर्फ उनके लिए बनी हो. साथ ही, वे पर्यावरण का भी ध्यान रखते है. इसीलिए वे खदानों से निकलने वाले हीरों के बजाय लैब में बने हीरों को चुन रहे है, ताकि धरती को नुकसान न पहुंचे.