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गोवा में सुनिधि चौहान के कॉन्सर्ट पर एडवाइजरी जारी, नहीं गा सकेंगी लोकप्रिय गाने

गोवा में सुनिधि चौहान के कॉन्सर्ट पर एडवाइजरी के तहत राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्ती बरतने का निर्देश दिया है. राज्य की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने कॉन्सर्ट में शराब-तंबाकू वाले गानों पर रोक लगाई है.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: January 24, 2026 16:04:27 IST

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सिंगर सुनीधि चौहान के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है. गोवा में सुनिधि चौहान के आगामी कॉन्सर्ट को लेकर राज्य सरकार ने एक एडवाइजरी जारी की है, जो सिंगर के लिए परेशानी का सबब बन सकती है.  
गोवा में सुनिधि चौहान के कॉन्सर्ट पर एडवाइजरी के तहत राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्ती बरतने का निर्देश दिया है. राज्य की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने कॉन्सर्ट में शराब-तंबाकू वाले गानों पर रोक लगाई है, जिससे सुनिधि ऐसे गाने नहीं गा सकती हैं जो जिनमें शराब या धूम्रपान को बढ़ावा दिया जाता हो. 

कॉन्सर्ट की जानकारी

‘द अल्टीमेट सुनिधि लाइव’ कॉन्सर्ट 25 जनवरी 2026 को गोवा के वर्ना स्थित 1919 स्पोर्ट्ज़ क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित हो रहा है. इस इवेंट में 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी प्रवेश की अनुमति है, जिसके कारण प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है. बड़ी संख्या में बच्चों की मौजूदगी को देखते हुए गानों का चयन सावधानी से करने का निर्देश दिया गया है.

एडवाइजरी का कारण

गोवा चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने आयोजकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की, जिसमें तंबाकू, धूम्रपान या शराब को बढ़ावा देने वाले गानों पर रोक लगाई गई. यह कदम किशोर न्याय (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट 2015 के तहत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए उठाया गया है. चंडीगढ़ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धारेनवर की शिकायत पर इस पर कार्रवाई हुई, जिन्होंने ‘बीड़ी जलइले’ और ‘शराबी’ जैसे गानों को ग्लैमराइज करने वाला बताया और कहा कि ये गाने बच्चों के मासिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालते हैं. 
डॉ. धारेनवर का कहना है कि ऐसे गाने बच्चों के मन पर बुरा प्रभाव डाल सकते हैं, जिससे वे नशीले पदार्थों को सामान्य समझ सकते हैं. एडवाइजरी में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 फैसले का हवाला दिया गया, जो नाबालिगों के लिए नशीले पदार्थों की संवेदनशीलता पर जोर देता है. 

प्रशासन का रुख

प्रशासन ने इसे ‘निवारक उपाय’ बताया, जिसका उद्देश्य कार्यक्रम में बाधा नहीं, बल्कि बच्चों के कल्याण की सुरक्षा है. आयोजकों को जिम्मेदारी दी गई कि कंटेंट बच्चों के लिए उपयुक्त और सामाजिक रूप से जिम्मेदार हो. प्रशासन ने कानून के दायरे में रहकर शो चलाने का आदेश दिया है.
हालांकि, सुनिधि चौहान पहली सिंगर नहीं हैं. डॉ. धारेनवर की शिकायतों पर दिलजीत दोसांझ, करण औजला और कोल्डप्ले जैसे कलाकारों को भी ऐसे नोटिस मिले हैं. यह ट्रेंड बच्चों वाली घटनाओं में सेंसरशिप के  महत्व को प्रदर्शित करता है.

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