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90 के दशक में नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला फिल्म ‘खामोशी’ और ‘अग्नि साक्षी’ की शूटिंग के दौरान एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे. हालांकि नाना पाटेकर शादीशुदा थे, लेकिन वे अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे. मनीषा उनके प्यार में काफी गंभीर थी और चाहती थी कि नाना अपनी पत्नी को तलाक देकर उनसे शादी कर लें, लेकिन नाना इसके लिए तैयार नहीं थे.
कमरे में रंगे हाथों पकड़े जाने का मामला
मनीषा और नाना के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था, क्योंकि मनीषा को शक था कि नाना का अफेयर एक्ट्रेस आयशा जुल्का के साथ भी है. एक दिन यह शक हकीकत में बदल गया. खबरों के मुताबिक, मनीषा ने अचानक एक कमरे का दरवाजा खोला और नाना पाटेकर को आयशा जुल्का के साथ बेहद करीब (आपत्तिजनक स्थिति) पाया.
जमकर हुआ हंगामा
आयशा और नाना को साथ देखकर मनीषा अपना आपा खो बैठीं. वहां जबरदस्त बहस और चिल्ला-चिल्ली हुई. मनीषा इतनी गुस्से में थी कि उन्होंने आयशा जुल्का पर चिल्लाते हुए उन्हें नाना से दूर रहने की चेतावनी दी. नाना पाटेकर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन मामला इतना बिगड़ गया कि उस दिन के बाद मनीषा और नाना का रिश्ता हमेशा के लिए टूट गया.
रिश्ते का दुखद अंत
इस घटना के बाद मनीषा कोइराला बुरी तरह टूट गई और उन्होंने नाना पाटेकर से अपना रास्ता अलग कर लिया. बाद में नाना और आयशा जुल्का कुछ समय तक साथ रहे और लिव-इन में भी रहे, लेकिन कुछ सालों बाद उनका भी झगड़ा हुआ और वे अलग हो गए . नाना ने बाद में एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि वे मनीषा को याद करते है और उनके जाने का उन्हें दुख है.