137
मशहूर एक्ट्रेस और इन्फ्लुएंसर संदीपा विर्क ने जेल से बाहर आने के बाद अपने चार महीनों के दर्दनाक अनुभव को साझा करते हुए सबको चौंका दिया है. संदीपा ने बताया कि तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे के वे 120 दिन उनके लिए किसी नरक से कम नहीं थे, जहां गिरती सेहत और मानसिक प्रताड़ना के बीच वह हर पल भगवान से अपनी मौत की प्रार्थना करती थीं. धोखाधड़ी के आरोपों में घिरी एक्ट्रेस ने जेल के बदतर हालातों और अपने ऊपर लगे ‘फरेबी’ के टैग पर गहरी पीड़ा व्यक्त की है.
क्यों जाना पड़ा जेल? 6 करोड़ की धोखाधड़ी का है आरोप
संदीपा विर्क को अगस्त 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने एक परिवार को फिल्म में लीड रोल दिलाने का झांसा देकर करीब 6 करोड़ रुपये की ठगी की. जांच एजेंसी का दावा है कि उन्होंने इस अवैध पैसे को छुपाने के लिए एक फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट का इस्तेमाल किया था. हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और इसकी पुरानी तारीखों (2008-2013) को देखते हुए दिसंबर के अंत में उन्हें जमानत दे दी.
तिहाड़ की वो काली रातें: जमीन पर सोना और बदबूदार शौचालय
अपने इंटरव्यू में संदीपा ने खुलासा किया कि जेल के अंदर की स्थिति कल्पना से परे थी. उन्होंने बताया, मैं जमीन पर सोती थी, खाना खाने लायक नहीं था और शौचालय इतने गंदे थे कि वहां जाना भी मुश्किल था. उन्होंने यह भी साझा किया कि जब उनके माता-पिता उनसे मिलने आते थे, तो उन्हें अपनी स्थिति पर इतनी ग्लानि होती थी कि वह जीवित नहीं रहना चाहती थी. मानसिक तनाव के कारण उनकी शारीरिक स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि वह बिना किसी सहारे के खड़ी भी नहीं हो पा रही थी.