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Jana Nayagan: क्या अटक सकती है ‘जना नायकन’? हाई कोर्ट ने विजय की फिल्म के सर्टिफिकेट से जुड़ा आदेश किया रद्द,रिलीज पर मंडराया संकट

Jana Nayagan: साउथ स्टार विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ के रिलीज पर संकट मंडराता हुआ दिख रहा है,क्योंकि इस फिल्म के सर्टिफिकेट से जुड़े विवाद में एक अहम फैसला सुनाया है,आइए जानते हैं विस्तार से.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 27, 2026 13:54:46 IST

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Jana Nayagan: मद्रास हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने अभिनेता विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ से जुड़े सर्टिफिकेट विवाद में एक अहम फैसला सुनाया है. बेंच ने उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें एक सिंगल जज ने CBFC को तुरंत सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था.

इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस एम. एम. श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मूर्गन की बेंच ने कहा कि सिंगल जज जस्टिस पी. टी. आशा को CBFC को जवाब देने का पर्याप्त समय देना चाहिए था. बेंच का यह भी कहना था कि बिना CBFC की दलील (काउंटर अफिडेविट) सुने ही मामले के मेरिट पर जाना सही नहीं था.

फिल्म की रिलीज फिर से संकट में

डिविजन बेंच के इस आदेश के बाद ‘जना नायकन’ की रिलीज को लेकर कशमकश बढ़ गई है. यह फिल्म पोंगल के दौरान रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब समय पर सर्टिफिकेट मिलने में रुकावट सामने आ रही है.सूत्रों के अनुसार यह विजय की राजनीति में औपचारिक प्रवेश से पहले उनकी आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिसके बाद वह पूरी तरह राजनीतिक रूप से सक्रिय हो सकते हैं.

हाईकोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं को कहा है कि वे इस मामले को सिंगल जज के समक्ष फिर से उठाकर निपटा सकते हैं. साथ ही बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि सिंगल जज यह तय करने के लिए स्वतंत्र होंगे कि क्या मामला रिवाइजिंग कमिटी को भेजना सही था और क्या CBFC चेयरपर्सन का फैसला उचित था.

 CBFC की अपील पर सुनवाई के बाद आया फैसला

20 जनवरी को डिविजन बेंच ने CBFC की अपील पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. यह अपील 9 जनवरी को दिए गए सिंगल जज के आदेश के खिलाफ थी.

9 जनवरी के आदेश में जस्टिस आशा ने KVN Productions LLP की याचिका को स्वीकार करते हुए CBFC को ‘तुरंत’ सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था. साथ ही 5 जनवरी को CBFC के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा भेजे गए पत्र को भी रद्द किया गया था, जिसमें यह बताया गया था कि चेयरपर्सन ने शिकायत के आधार पर फिल्म को रिवाइजिंग कमिटी भेज दिया है.उस दिन ही डिविजन बेंच ने सिंगल जज के आदेश पर रोक (स्टे) भी लगा दी थी.

मामला कैसे शुरू हुआ?

22 दिसंबर 2025 को चेन्नई के CBFC रीजनल ऑफिस ने प्रोड्यूसर को सूचित किया था कि 5 सदस्यीय एग्जामिनिंग कमिटी ने फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की है.लेकिन बाद में, कमिटी के एक सदस्य की शिकायत के बाद CBFC के चेयरपर्सन ने उस सिफारिश को रोक दिया और फिल्म को रिवाइजिंग कमिटी के पास भेज दिया. इस बदलाव की सूचना प्रोड्यूसर को 5 जनवरी को दी गई थी.

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