Border 2 : साल 1997 की सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ के गानों ने हर एक भारतीय के दिल में देशभक्ति का जज्बा जगा दिया था. अब 28 साल बाद 23 जनवरी 2026 को फिल्म का दूसरा हिस्सा ‘बॉर्डर 2’ रिलीज होने जा रहा है. लेकिन फिल्म के आने से पहले ही इसके गानों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.
मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने ‘बॉर्डर 2’ के लिए गाने लिखने से साफ मना कर दिया है. उन्होंने फिल्म मेकर्स के इस कदम को (Creative Bankruptcy) करार दिया है. जावेद साहब का कहना है कि जब फिल्म नई है, तो गाने पुराने क्यों? उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, मेकर्स मेरे पास आए थे, लेकिन मैंने इनकार कर दिया. मुझे लगता है कि पुराने गानों में थोड़ा-सा बदलाव करके उन्हें फिर से पेश करना केवल आलस है. या तो आप नए गाने बनाओ, या यह मान लो कि अब आपमें पुराने जैसा दम नहीं रहा .उन्होंने 1964 की फिल्म ‘हकीकत’ का उदाहरण देते हुए कहा कि हमने ‘बॉर्डर’ बनाते समय पुराने गानों का सहारा नहीं लिया था, बल्कि नए गाने लिखे थे जो आज भी अमर है.
जावेद अख्तर के हटने के बाद, फिल्म के गानों की जिम्मेदारी नई टीम को दी गई है. फिल्म के मुख्य गाने ‘घर कब आओगे’ (Ghar Kab Aaoge) में नए बोल मनोज मुंतशिर ने लिखे है. इनके अलावा कौसर मुनीर ने भी फिल्म के अन्य गीतों के लिए अपनी कलम चलाई है. मेकर्स ने पुराने गानों की कुछ लाइनों को रखा है और उनमें नए शब्द जोड़े है.
‘बॉर्डर’ की धुनें अनु मलिक ने बनाई थी, लेकिन ‘बॉर्डर 2’ में वह मुख्य संगीतकार के रूप में नहीं है इस बार संगीत की कमान मिथुन (Mithoon) के हाथों में है. उनके साथ विशाल मिश्रा और सचेत-परम्परा जैसे नए दौर के संगीतकारों ने भी काम किया है.
अनु मलिक के न होने पर सोशल मीडिया पर काफी शोर मचा, जिसके बाद उन्होंने खुद सफाई दी. अनु मलिक ने बताया कि वह इस फिल्म के नए गानों का हिस्सा नहीं है, लेकिन क्योंकि उनके पुराने गाने ‘संदेशे आते है’ की धुन इस्तेमाल की गई है, इसलिए निर्माता भूषण कुमार ने उन्हें Original Composer के रूप में पूरा क्रेडिट और सम्मान दिया है. मेकर्स का मानना था कि आज की युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए मिथुन और विशाल मिश्रा जैसे नए संगीतकारों की जरूरत है.