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बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह एक बार फिर कानूनी मुश्किलों में घिर गए है. उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय (Karnataka High Court) का दरवाजा खटखटाया है. रणवीर सिंह की मांग है कि बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) को रद्द किया जाए. यह मामला पिछले साल गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFI) के दौरान का है, जहां रणवीर सिंह ने फिल्म ‘कांतारा’ के एक दृश्य की मिमिक्री की थी.
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब रणवीर सिंह ने मंच पर फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ के अभिनेता ऋषभ शेट्टी की तारीफ करते हुए उनके ‘दैवा’ (Daiva) वाले अभिनय की नकल उतारी. आरोप है कि इस दौरान उन्होंने न केवल पवित्र धार्मिक अनुष्ठान का मजाक उड़ाया, बल्कि चामुंडी दैवा को ‘फीमेल घोस्ट’ (महिला भूत) भी कह दिया. तटीय कर्नाटक की परंपराओं में दैवा को बेहद पूजनीय माना जाता है, इसलिए उनके इस कृत्य से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का दावा किया गया.
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
रणवीर सिंह के वकील ने कोर्ट से गुहार लगाई कि अभिनेता पर बहुत दबाव है और उन्हें पुलिस की तरफ से दो नोटिस भी मिल चुके है, इसलिए इस मामले की सुनवाई ‘आज ही’ की जाए. इस पर जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा, ‘सिर्फ इसलिए कि वह एक बॉलीवुड स्टार है, उन्हें कोई विशेष प्राथमिकता नहीं दी जा सकती. क्या हमें बॉलीवुड स्टार के लिए तेज और हॉलीवुड स्टार के लिए और भी तेज काम करना चाहिए ? कोर्ट ने मामले को तत्काल सुनने से इनकार करते हुए अगली सुनवाई 24 फरवरी के लिए तय कर दी.
रणवीर का पक्ष और माफी
रणवीर सिंह के वकीलों का कहना है कि अभिनेता ने केवल ऋषभ शेट्टी के बेहतरीन काम की सराहना की थी और उनकी बातों को गलत संदर्भ (Out of context) में लिया जा रहा है. विवाद बढ़ने के बाद रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर एक लंबा माफीनामा भी साझा किया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की संस्कृति या परंपरा का अपमान करना नहीं था. रणवीर सिंह अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘धुरंधर 2’ की रिलीज की तैयारी कर रहे है, जो 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में आएगी.