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एक हजारों में मेरी बहना है और खाकी द बिहार चैप्टर जैसी सुपरहिट सीरीज के एक्टर करण टैकर ने हाल ही में खुलासा किया कि इतने सालों तक सफल काम करने के बावजूद बॉलीवुड उन्हें लीड रोल देने में कतराता है. करण के अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में टीवी से आए कलाकारों को लेकर एक पुरानी और गलत धारणा बनी हुई है, जिसकी वजह से उन्हें बड़े पर्दे पर मुख्य भूमिकाएं नहीं मिल पाती.
नीरज पांडे ने दिखाया भरोसा
करण ने बताया कि अगर फिल्ममेकर नीरज पांडे उन पर भरोसा नहीं जताते, तो शायद कोई भी प्लेटफॉर्म उनके साथ काम करने को तैयार नहीं होता. उन्होंने कहा, टीवी एक्टर्स के खिलाफ इंडस्ट्री में बहुत कड़ा विरोध और पक्षपात है. लोग साफ कहते है कि अगर कोई टीवी से आया है, तो उसे लीड रोल में नहीं लेंगे. करण को ‘स्पेशल ऑप्स’ और ‘खाकी’ जैसी सीरीज के लिए कास्ट किए जाने पर भी काफी विरोध का सामना करना पड़ा था.
बदलाव की उम्मीद
करण ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब तक इस सिस्टम और सोच में बदलाव नहीं आएगा, टीवी एक्टर्स के लिए बॉलीवुड की दीवार तोड़ना हमेशा मुश्किल रहेगा. उन्होंने बताया कि इसी भेदभाव की वजह से उनके जैसे कई टैलेंटेड एक्टर्स को आगे बढ़ने में बहुत वक्त लग रहा है. करण हाल ही में वेब सीरीज ‘भय’ और अनुपम खेर की फिल्म ‘तनवी द ग्रेट’ में नजर आए थे.