Khesari Lal And Nirahua Controversy: दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ भोजपुरी इंडस्ट्री का जाना माना नाम है, एक्टर एक बेहतरीन गायक और भारतीय जनता पार्टी के राजनेता भी हैं. दिनेश लाल यादव के गाए हुए गाने सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं, इतना ही नहीं एक्टर की अदाकारी को भी लोग को बहुत पसंद हैं. वहीं भोजपुरी इंडस्ट्री के अन्य सुपरस्टार की बात करे तो टॉप 5 में खेसारी लाल यादव का नाम भी आता है, एक्टर का डैशिंग अंदाज लोगों को बेहद पसंद है. खेसारी लाल यादव दमदार एक्टर के साथ-साथ बेहतरिन गायक भी है. खेसारी लाल के गाने जब भी रिलीज होते है, तो इंटरनेट पर गर्दा उड़ा देते हैं.
दिनेश लाल यादव और खेसारी लाल यादव में थी गहरी दोस्ती
एक समय ऐसा था की दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ और खेसारी लाल यादव भोजपुरी इंडस्ट्री में एक साथ राज करते थे, दोनों की बीच में बेहद दोस्ती थी. लेकिन अब दोनों एक दूसरे को देखना तक नहीं पसंद करते हैं. दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ और खेसारी लाल यादव की दोस्ती में ऐसी दरार आई है, कि अभी तक भर नहीं पाई है. लेकिन अगर दोनों में इतनी गहरी दोस्ती थी, तो विवाद कैसे हुआ क्या थी वजह. आईये जानते हैं यहां.
निरहुआऔर खेसारी की दोस्ती में कैसे आई दरार
दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और खेसारी लाल यादव के बीच दुश्मनी 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक मतभेदों और व्यक्तिगत बयानबाजी के कारण शुरू हुई
- राम मंदिर पर बयान: एक इंटरव्यू के दौरान खेसारी लाल यादव ने एक बयान में कहा था कि राम मंदिर की जगह अस्पताल बनना चाहिए था. इस बयान पर दिनेश लाल यादव निरहुआ ने खेसारी के खिलाफ कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि 500 साल के संघर्ष के बाद बने राम मंदिर के खिलाफ ऐसी बातें करना गलत है.
- ‘यदुमुल्ला’ टिप्पणी: राम मंदिर वाले बयान के बाद, निरहुआ ने खेसारी लाल यादव को मीडिया के सामने ‘यदुमुल्ला’ (यादव और मुस्लिम का संयोजन) कहा था, जिसका बाद विवाद काफी ज्यादा बढ़ गया था. निरहुआ के इस विवादित बयान का तर्क था कि ऐसी मानसिकता वाला व्यक्ति सच्चा ‘यादव’ नहीं हो सकता है.
- राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता: वहीं 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों कलाकार ने अलग-अलग खेमों को चुना था. निरहुआ भाजपा (NDA) की ओर से प्रचार कर रहे थे और खेसारी विपक्षी गठबंधन (RJD) की तरफ से थे. इस दौरान दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और खेसारी लाल यादव दोनों ने एक-दूसरे पर तीखी टिप्पणियां करना शुरू किया था
- वरिष्ठों का सम्मान: निरहुआ ने एक इंटरव्यू के दौरान खेसारी लाल को ‘अहंकारी लाल यादव’ कहा था. इतना ही उन्होंने एक्टर पर आरोप लगाया था कि वो रवि किशन और मनोज तिवारी जैसे सीनियर और बड़े कलाकारों का सम्मान नहीं देते हैं.
- व्यक्तिगत हमले: खेसारी ने भीभाजपा से जुड़े भोजपुरी कलाकारों पर अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था, वहीं निरहुआ ने सार्वजनिक से धमकी देते हुए कहा कि अगर बाजार में गाली दी गई, तो वहीं कड़ा जवाब दिया जाएगा. खेसारी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह बीजेपी के लायक हैं या नहीं, यह निरहुआ तय नहीं करेगा.