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Home > मनोरंजन > 16 साल में बनकर तैयार हुई एक ऐसी फिल्म, जिसकी टिकट मिलना हो गया था मुश्किल, सोना पड़ता था लोगों को सड़क पर, जानें नाम

16 साल में बनकर तैयार हुई एक ऐसी फिल्म, जिसकी टिकट मिलना हो गया था मुश्किल, सोना पड़ता था लोगों को सड़क पर, जानें नाम

Bollywood Film Facts: बॉलीवुड की एक ऐसी फिल्म, जिसकी टिकट खरीदने के लिए लगती थी 5 किलोमीटर की लंबी लाइनें और सड़क पर सो जाते थे लोग. फिल्म की कहानी इतनी जबरदस्त थी, लोग आज तक इसे भूल नहीं पाए है, रिलीज के बाद फिल्म ने इतिहास रच दिया. आइये जानते हैं यहां कि किस फिल्म की बात हो रही है.

Written By: Chhaya Sharma
Last Updated: 2026-01-22 19:48:20

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Bollywood Film Facts: बॉलीवुड में एक से बड़कर एक फिल्में रिलीज हुई हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है. उन फिल्मों को आज तक याद किया जाता है, फिल्म की कहानी भी लोगों के दिलों दिमाग पर छपी हुई हैं. ऐसा ही एक फिल्म के बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं, जो बॉलीवुड की मोस्ट आइकोनिक फिल्मों में से एक हैं. जिसके बारे में हम यहां बात कर रहे हैं, उस फिल्म की टिकट खरीदने के लिए 5 किलोमीटर की लंबी लाइनें लगती थी और इतना ही नहीं इसके लिए लोग सड़क पर तक सो जाते थे.

घंटों-घंटों टिकट लाइन में खड़े रहते थे इस फिल्म के लिए लोग

हम बात कर रहे हैं यहां पृथ्वीराज कपूर दिलीप कुमार और मधुबाला स्टारर फिल्म फिल्म ‘मुगल ए आजम’ (Mughal-e-Azam) की, जिसके किस्से और कहानियां आज भी पूरे बॉलीवुड में मशहूर हैं और खबरों में छाए हुए हैं.  मुगल ए आजम हिंदी सिनेमा की सबसे कल्ट फिल्मों में से एक मानी जाती है. इस सुपरहिट फिल्म की कहानी ने लोगों को इतना मजबूर कर दिया कि वो थिएटर तक इसे देखने गए. ‘मुगल ए आजम’ (Mughal-e-Azam)  एक ऐसी लव स्टोरी जिसे ना कभी लोगों ने देखा और ना ही कभी ऐसा कुछ महसूस किया. के आसिफ द्वारा डायरेक्ट की गई इस फिल्म ने प्यार, दर्द और भव्यता की परिभाषा ही बदल दी और लोगों को अपना इतना दीवाना बना लिया की लोगो इस देखने के लिए थिएटर के बार घंटों-घंटों टिकट लाइन में खड़े होते थे.

फिल्म को बनाने के लिए मेकर्स ने पानी की तरह बहाया पैसा

फिल्म ‘मुगल ए आजम’  (Mughal-e-Azam) की शूटिंग 1944 में शुरू हुई और इसे 1960 में रिलीज किया गया. 16 साल में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने कई सालों तक बॉक्स ऑफिस पर अपना कब्जा बनाए रखा और ब्लॉकबस्टर साबीत हुई. नेशनल अवॉर्ड समेत इस फिल्म ने कई सम्मान अपने नाम किए हैं. मेकर्स ने फिल्म पर पानी की तरह पैसा बहाया है इतना ही नहीं निर्देशक के आसिफ आर्थिक तंगी तक पहुंच गए थे, लेकिन फिल्म ने रिलीज के बाद इतिहास रच दिया और हिंदी सिनेमा का नाम सुनहरे पन्नों में दर्ज करा दिया .

फिल्म की टिकट के लिए सड़क पर सो जाते थे लोग.

फिल्म ‘मुगले आजम’ (Mughal-e-Azam) को देखने का क्रेज लोगों में इस कदर था कि लोग अगले दिन जल्दी टिकट लेने के लिए थिएटर के बाहर सड़क पर ही सो जाते थे और घर से ही खाना भी लेकर आते थे.आलम इतना गंभीर था की टिकट विंडो पर 5-5 किलोमीटर की लंबी लाइन लगती थीं. इस फिल्म की एक और दिलचस्प बात है कि फिल्म में सलीम और अकबर के बीच दिखाई गई लड़ाई के सीन में 2000 ऊंट, 4000 घोड़े और 8000 सैनिकों का इस्तेमाल हुआ था. इतना ही नहीं बल्कि ‘मुगले आजम’ (Mughal-e-Azam) इस सीन के लिए इंडियन आर्मी से भी कुछ सैनिक लिए गए थे. फिल्म में भगवान कृष्ण की दिखाी गई मूर्ति शुद्ध सोने की थी. बता दें कि मुगले आजम ऐसी पहली फिल्म है जिसके ब्लैक व्हाइट रिलीज होने के कई साल बाद 2004 में डिजिटली कलर्ड के साथ रिलीज किया गया.

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16 साल में बनकर तैयार हुई एक ऐसी फिल्म, जिसकी टिकट मिलना हो गया था मुश्किल, सोना पड़ता था लोगों को सड़क पर, जानें नाम

Bollywood Film Facts: बॉलीवुड की एक ऐसी फिल्म, जिसकी टिकट खरीदने के लिए लगती थी 5 किलोमीटर की लंबी लाइनें और सड़क पर सो जाते थे लोग. फिल्म की कहानी इतनी जबरदस्त थी, लोग आज तक इसे भूल नहीं पाए है, रिलीज के बाद फिल्म ने इतिहास रच दिया. आइये जानते हैं यहां कि किस फिल्म की बात हो रही है.

Written By: Chhaya Sharma
Last Updated: 2026-01-22 19:48:20

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Bollywood Film Facts: बॉलीवुड में एक से बड़कर एक फिल्में रिलीज हुई हैं, जिन्होंने इतिहास रचा है. उन फिल्मों को आज तक याद किया जाता है, फिल्म की कहानी भी लोगों के दिलों दिमाग पर छपी हुई हैं. ऐसा ही एक फिल्म के बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं, जो बॉलीवुड की मोस्ट आइकोनिक फिल्मों में से एक हैं. जिसके बारे में हम यहां बात कर रहे हैं, उस फिल्म की टिकट खरीदने के लिए 5 किलोमीटर की लंबी लाइनें लगती थी और इतना ही नहीं इसके लिए लोग सड़क पर तक सो जाते थे.

घंटों-घंटों टिकट लाइन में खड़े रहते थे इस फिल्म के लिए लोग

हम बात कर रहे हैं यहां पृथ्वीराज कपूर दिलीप कुमार और मधुबाला स्टारर फिल्म फिल्म ‘मुगल ए आजम’ (Mughal-e-Azam) की, जिसके किस्से और कहानियां आज भी पूरे बॉलीवुड में मशहूर हैं और खबरों में छाए हुए हैं.  मुगल ए आजम हिंदी सिनेमा की सबसे कल्ट फिल्मों में से एक मानी जाती है. इस सुपरहिट फिल्म की कहानी ने लोगों को इतना मजबूर कर दिया कि वो थिएटर तक इसे देखने गए. ‘मुगल ए आजम’ (Mughal-e-Azam)  एक ऐसी लव स्टोरी जिसे ना कभी लोगों ने देखा और ना ही कभी ऐसा कुछ महसूस किया. के आसिफ द्वारा डायरेक्ट की गई इस फिल्म ने प्यार, दर्द और भव्यता की परिभाषा ही बदल दी और लोगों को अपना इतना दीवाना बना लिया की लोगो इस देखने के लिए थिएटर के बार घंटों-घंटों टिकट लाइन में खड़े होते थे.

फिल्म को बनाने के लिए मेकर्स ने पानी की तरह बहाया पैसा

फिल्म ‘मुगल ए आजम’  (Mughal-e-Azam) की शूटिंग 1944 में शुरू हुई और इसे 1960 में रिलीज किया गया. 16 साल में बनकर तैयार हुई इस फिल्म ने कई सालों तक बॉक्स ऑफिस पर अपना कब्जा बनाए रखा और ब्लॉकबस्टर साबीत हुई. नेशनल अवॉर्ड समेत इस फिल्म ने कई सम्मान अपने नाम किए हैं. मेकर्स ने फिल्म पर पानी की तरह पैसा बहाया है इतना ही नहीं निर्देशक के आसिफ आर्थिक तंगी तक पहुंच गए थे, लेकिन फिल्म ने रिलीज के बाद इतिहास रच दिया और हिंदी सिनेमा का नाम सुनहरे पन्नों में दर्ज करा दिया .

फिल्म की टिकट के लिए सड़क पर सो जाते थे लोग.

फिल्म ‘मुगले आजम’ (Mughal-e-Azam) को देखने का क्रेज लोगों में इस कदर था कि लोग अगले दिन जल्दी टिकट लेने के लिए थिएटर के बाहर सड़क पर ही सो जाते थे और घर से ही खाना भी लेकर आते थे.आलम इतना गंभीर था की टिकट विंडो पर 5-5 किलोमीटर की लंबी लाइन लगती थीं. इस फिल्म की एक और दिलचस्प बात है कि फिल्म में सलीम और अकबर के बीच दिखाई गई लड़ाई के सीन में 2000 ऊंट, 4000 घोड़े और 8000 सैनिकों का इस्तेमाल हुआ था. इतना ही नहीं बल्कि ‘मुगले आजम’ (Mughal-e-Azam) इस सीन के लिए इंडियन आर्मी से भी कुछ सैनिक लिए गए थे. फिल्म में भगवान कृष्ण की दिखाी गई मूर्ति शुद्ध सोने की थी. बता दें कि मुगले आजम ऐसी पहली फिल्म है जिसके ब्लैक व्हाइट रिलीज होने के कई साल बाद 2004 में डिजिटली कलर्ड के साथ रिलीज किया गया.

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