हर गाने के पीछे का अपना इतिहास होता है. आज हम आपको एक ऐसे ही गाने के पीछे का एक दिलचस्प किस्सा बता रहे हैं. जब मोहम्मद रफी और मुकेश के बीच एक गाने को लेकर जंग छिड़ी थी. फिर एक ऐसा फैसला हुआ, जिसने गाने को अमर कर दिया. आज भी जब उस गाने को लोग सुनते हैं, तो मंत्रमुग्ध हो जाया करते हैं.
कौन सा है गाना?
हम जिस गाने की बात कर रहे हैं. वह साल 1967 में आई फिल्म ‘पत्थर के सनम’ का है. उस सॉन्ग का नाम है ‘पत्थर के सनम तुझे हमने..’. इस गाने को आवाज दी थी मोहम्मद रफी साहब ने और संगीत दिया था लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने. इसके अलावा इस गाने के बोल लिखे थे मजरूह सुल्तानपुरी ने.
क्यों रफी साहब और मुकेश को लेकर छिड़ी जंग?
फिल्म के टाइटल सॉन्ग को जब लिखा गया और उसकी धुन तैयार हुई. उसके बाद संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कहा कि इस गाने को मोहम्मद रफी गाएंगे, तो अच्छा लगेगा. उन्होंने कहा कि वही इकलौते सिंगर हैं, जो इसके साथ न्याय कर सकते हैं. फिल्म में मुख्य भूमिका में मनोज कुमार थे. उनके ज्यादातर गाने मुकेश गाते थे. इसलिए मनोज कुमार ने कहा कि रफी नहीं, मुकेश ही गाना गाएंगे. इसके बाद लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने मनोज कुमार को समझाया कि इस गाने को रफी साहब ही अच्छा गा पाएंगे और इसमें इमोशन डाल पाएंगे. लेकिन मनोज कुमार मानने को तैयार नहीं थे. अभिनेता ने निर्माता-निर्देशक से भी बात की, लेकिन उन्होंने मनोज कुमार को कहा कि गाने में दखल अंदाजी ना करें. फिर मोहम्मद रफी की आवाज में यह गाना रिकॉर्ड हुआ और इसने इतिहास रच दिया.
फिल्म के बारे में
फिल्म ‘पत्थर के सनम’ साल 1967 में रिलीज हुई थी. यह फिल्म नाडियाडवाला के बैनर के तले निर्मित है. जिसे राजा नवाथे द्वारा निर्देशित किया गया था. इस फिल्म में मनोज कुमार, वहीदा रहमान, मुमताज़, प्राण, महमूद जैसे कलाकार नजर आए थे.